अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में हैदराबाद के 28 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार वह 5 जून को पिज्जा डिलीवरी करने के लिए गया था, तभी आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया। युवक की पहचान अंशुल कुंचा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद उसका परिवार सदमे में है और भारत सरकार से पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की मांग कर रहा है।
चार साल पहले अमेरिका गया था अंशुल
परिजनों के अनुसार अंशुल फिलाडेल्फिया में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में नौकरी करता था। करीब चार साल पहले वह पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। अंशुल अतिरिक्त आय के लिए वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी की पार्ट-टाइम जॉब भी करता था। उसकी बहन तन्वी ने बताया कि अंशुल को एक सुनसान इलाके में पिज्जा डिलीवरी के लिए बुलाया गया था। बाद में पता चला कि यह आरोपियों का एक जाल था।
सर में मारी तीन गोलियां
तन्वी के अनुसार आरोपियों ने अंशुल को सिर में तीन गोलियां मारी। जिसके बाद हमलावर उसे सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गए। अंशुल से कोई लूटपाट नहीं की गई, जिससे परिवार को लगता है कि यह एक सुनियोजित हमला था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वारदात में दो नकाबपोश हमलावर शामिल हो सकते हैं।
अंशुल के साथ पहले भी हो चुकी लूटपाट
घटना पर न्यूयॉर्क स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास ने भी दुख जताया है। वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि अंशुल कुंचा के निधन से उन्हें बेहद दुख है और उनके परिवार को हरसंभव मदद दी जा रही है। परिवार ने विदेश मंत्रालय (MEA) से अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की अपील की है। परिवार ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूटपाट का शिकार हो चुका था। उसकी बहन के अनुसार अंशुल एक खुशमिजाज और मददगार इंसान था। वह अमेरिका नहीं जाना चाहता था, लेकिन परिवार के कहने पर ही वह देश से बाहर गया था।
