हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन में की गई अस्थायी कटौती (वेतन स्थगन) को समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह घोषणा करते हुए बताया कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वेतन स्थगन संबंधी अधिसूचना अब सिर्फ मुख्यमंत्री पर लागू रहेगी और अन्य सभी के लिए इसे वापस लिया जाएगा।
जुलाई में पूरी सैलरी के साथ मिलेगी रोकी गई रकम
सीएम ने कहा कि मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उपायुक्तों और अन्य अधिकारियों को अगले महीने जुलाई में पूरा वेतन जारी किया जाएगा। साथ ही उन्हें पिछले महीनों में रोकी गई कटौती की राशि भी एकमुश्त उनके वेतन के साथ ही दी जाएगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उनकी वेतन कटौती अभी जारी रहेगी।
छह महीने की वेतन कटौती योजना समय से पहले खत्म
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2026 में वित्तीय चुनौतियों को देखते हुए 6 महीने के लिए वेतन स्थगन का फैसला किया था। जिसके तहत मुख्यमंत्री के वेतन में 50%, विधानसभा अध्यक्ष व मंत्रियों के वेतन में 30% और विधायकों के वेतन में 20% की अस्थायी कटौती लागू की गई थी। साथ ही मुख्य सचिव से लेकर सचिव स्तर तक के अफसरों के वेतन में 30%, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 20% और शेष कर्मचारियों के वेतन में 10% तक की अस्थाई कटौती का फैसला लिया गया था। सरकार का कहना था कि राज्य की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए यह कदम उठाया गया था।
अब सरकार ने आर्थिक हालात में सुधार का हवाला देते हुए इस व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया है। विधानसभा सचिवालय के मुताबिक, विधायकों की सैलरी से 20 प्रतिशत की कटौती मई माह से लागू हुई थी। अब जुलाई में उन्हें यह पूरी राशि अपनी नई सैलरी के साथ वापस मिल जाएगी।
