Gurugram: गुरुग्राम में वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ ली है। इस समय अरावली पहाड़ी को काट कर बनाई गई करीब एक किलोमीटर लंबी सुरंग में ट्रैक बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य को अगले 20 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा तावड़ू से पृथला तक कॉरिडोर के भाग को भी इस माह के अंत तक हर हाल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे आगामी अप्रैल माह से दादरी- रेवाड़ी के बीच इस कॉरिडोर पर मालगाड़ियां दौड़ सकें। निर्माण कार्य से जुड़े रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस कॉरिडोर पर अब सिर्फ पृथला से तावड़ू के बीच कुछ हिस्सा रह गया है, बाकी निर्माण पूरा है। इस हिस्से के पूरा होते ही दादरी से रेवाड़ी के बीच ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
बता दें कि इंडियन रेलवे मालगाड़ियों को स्वतंत्र और फास्ट रूट देने के लिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है। यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के दादरी को मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर को जल्द से जल्द तैयार करने के लिए इसका निर्माण कई सेक्शन में बांट कर किया जा रहा है। इसका पहला सेक्शन दादरी से शुरू होकर गुरुग्राम होते हुए रेवाड़ी तक है। इसी सेक्शन पर गुरुग्राम में सोहना के पास अरावली पहाड़ी को काटकर एक सुरंग बनाई गई है। यह सुरंग कई मामलों में देश-दुनिया के लिए अनोखी होने वाली है।
इसलिए यह टनल है सबसे खास, बनाएगी वर्ल्ड रिकार्ड
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सुरंग एक किमी लंबी है। जबकि इसकी चौड़ाई 15 और ऊंचाई 12 मीटर होगी। इससे होकर न केवल डबल डेकर ट्रेन गुजर सकेगी, बल्कि इसमें से एक साथ दो ट्रेनें भी निकल सकेंगी। रेलवे का दावा है कि यह दुनिया की पहली ऐसी सुरंग है, जिसमें से डबल डेकर ट्रेनें गुजरेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस सुरंग में ट्रैक बिछाने का काम किया जा रहा है। इसके पूरा होते ही ट्रायल शुरू होगा। सबसे पहले डीजल इंजन से ट्रायल होगा और फिर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल किया जाएगा।सड़क पर माल वाहक वाहनों का दबाव होगा कम
डब्ल्यूडीएफसी के अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक वाईपी शर्मा ने बताया कि यह कॉरिडोर यूपी के दादरी से शुरू होगा और हरियाणा, राजस्थान, गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र तक पहुंचेगा। इस पूरे कॉरिडोर की लंबाई 1504 किमी होगी। कॉरिडोर पर मालगाड़ी औसतन 100 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेंगी। यह पूरा कॉरिडोर अगले साल तक पूरा हो जाएगा। वहीं, अप्रैल माह में दादरी से रेवाड़ी तक ट्रेन का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद सड़कों पर माल ढुलाई वाले वाहनों का दबाव काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगा।
