Dwarka Expressway : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को द्वारका एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने के लिए गुरुग्राम पहुंचे। वे यहां पर देश के पहले एलिवेटेड हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने के लिए आए थे, जहां पर उनके साथ सांसद राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह और दिल्ली के एलजी विनय कु. सक्सेना भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण नौ हजार करोड़ की लागत से कराया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 29 किमी होगी।
इस सुविधाओं से परिपूर्ण है एक्सप्रेसवे
- वाहन और वाहन सवारों की सुविधा के लिए आईटीएस का इंस्टॉलेशन
- एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था
- टोल मैनेजमेंट सिस्टम
- निर्धारित स्थानों पर सीसीटीवी
- सर्विलांस समेत अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल
एक्सप्रेसवे के नाम ये भी उपलब्धियां
- भारत में अब तक सबसे ज्यादा 12 हजार वृक्षों का ट्रांसप्लांट
- फ्रांस के एफिल टावर के मुकाबले 30 गुना ज्यादा (दो लाख) एमटी स्टील का प्रयोग
- दुबई के बुर्ज खलीफा के मुकाबले छह गुना ज्यादा (20 लाख) सीयूएम कंक्रीट का प्रयोग
दिल्ली और हरियाणा को जोड़ेगा मार्ग
द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा और दक्षिणी दिल्ली को लिंक करेगा। इसके अलावा इसका निर्माण करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि इसे चार हिस्सों में बांटा जाए। द्वारका एक्सप्रेसवे में दिल्ली के 10.01 किमी एरिया को रखा गया है। वहीं, हरियाणा के 18.9 किमी एरिया का निर्माण 99.25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों को उम्मीद है कि दोनों क्षेत्र पर ही जुलाई से वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। हालांकि द्वारका एक्सप्रेसवे में शामिल दिल्ली के क्षेत्र पर वाहन दौड़ाने के लिए यात्रियों को अभी कुछ और इंतजार करना होगा, क्योंकि इसका कार्य 2024 तक पूरा होने की संभावना है।
