Gurugram News : देश भर में जब विकसित और हाईटेक शहरों की बात आती है तो गुरुग्राम का नाम टॉप पर आता है, लेकिन हाल ही में यहां से एक निराश कर देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले इस शहर के एक अस्पताल में मरीजों को महज इसलिए इलाज मिल पाना मुश्किल हो गया क्योंकि वहां 18 घंटे से बिजली नहीं थी। अव्यवस्था का आलम इस कदर रहा कि गर्मी और बीमारी से बिलखते मरीजों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं था। घंटों के लिए गायब हुई बिजली से न सिर्फ मरीज और तीमारदार बेहाल रहे बल्कि उनका इलाज कर पाना मुश्किल हो गया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन भी तमाशबीन बना रहा और जेनरेटर की व्यस्वस्था तक न कर सका।
पहले भी होती रही है ये दिक्कत
सरकारी अस्पताल में मौजूद मरीज और तीमारदारों से बात की गई तो पता चला कि यह पावर कट रविवार की रात 09:30 से सोमवार दोपहर 03:00 बजे तक रहा। इस दौरान कई बार अस्पताल के कर्मचारियों से और डॉक्टरों से शिकायत भी की गई, लेकिन सभी ने बात को अनसुना कर दिया। वहीं, कुछ तीमारदार ऐसे भी रहे जिन्होंने बताया कि अस्पताल में ये समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पहले भी ऐसी समस्या होती रही है और हर बार इस लापरवाही से सैकड़ों लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा इलाज
तीमारदारों ने बताया बिजली गुल की जब शिकायत की गई तो पहले डॉक्टर उसे अनसुना कर रहे थे, लेकिन जब कुछ मरीजों की हालत बिगड़ने लगी तो फिर डॉक्टर ने टॉर्च की रोशनी में इलाज शुरू किया। हालांकि इस दौरान कई लोगों ने इसके प्रति विरोध भी जताया और इमरजेंसी में जेनरेटर उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन इस पर भी अस्पताल प्रबंधन ने कोई अमल नहीं किया। फिर इसके बाद जब दोपहर तीन बजे बिजली आई तो भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों को कुछ राहत मिल सकी।
बिजली गुल होने से ये काम रहे ठप
- अस्पताल में घंटों बिजली गुल रहने से एक्सरे मशीन से पैथ लैब का काम नहीं हो पाया
- कई मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका
- ऑपरेशन थिएटर में कई सेवाएं बाधित रहीं
- हॉस्पिटल में ओपीडी कार्ड बनाने और डाक्टरों के कई कामकाज नहीं हो सके
- ओपीडी में बिजली सप्लाई न होने से आंखों की टेस्टिंग नहीं हो सकी
जेनरेटर बदलवाने की मांग
बिजली गुल होने की समस्या के बारे में अस्पताल में मौजदू कई लोगों ने अपनी राय रखी। लोगों ने बताया कि इस अस्पताल में लगा हुआ एक जेनरेटर को ख़राब हुए करीब डेढ़ साल हो चुका है। इसे बदलवाने की मांग को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कई बार अफसरों को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक इसका कोई हल नहीं हो सका है। यही वजह है कि आये दिन मरीजों को बिजली गुल होते ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इनका ये है कहना
जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. नीरज यादव से जब इस संबंध में बात की गई तो वे बोले कि अंडरग्राउंड केबल में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण अस्पताल में सप्लाई नहीं हो सकी। काफी देर के बाद पता चल पाया कि फाल्ट कहां पर है और तब उसे ठीक करवाया जा सका, इस दौरान छोटे जेनरेटर से काम चलाया गया।
