गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आगामी एक महीने में मेट्रो स्टेशनों के लिए जमीन का चयन किया जाएगा। सिस्ट्रा एमवीए कंसलटिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी मेट्रो स्टेशनों के 500 मीटर क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने की योजना भी तैयार करेगी।
निर्माण के दौरान यातायात
निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों और सड़कों को चौड़ा करने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही जीएमडीए, नगर निगम, एनएचएआई, पुलिस, एचएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी जैसी सरकारी एजेंसियों को सर्वे में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजाइन का काम
बता दें कि 30 नवंबर को मेट्रो स्टेशन और पिलर के डिजाइन के लिए टेंडर खोले जाएंगे। अगले महीने तक यह टेंडर आवंटित होने की उम्मीद है। इस परियोजना पर लगभग 5452 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्र और राज्य सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है।
मेट्रो रूट
यह मेट्रो रूट मिलेनियम सिटी सेंटर से शुरू होकर साइबर सिटी के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रैपिड मेट्रो से जुड़ेगा। इस रूट पर कुल 28.5 किलोमीटर लंबे में कई स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज छह, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई, सेक्टर- 101, सेक्टर-नी, सात, चार, पांच, अशोक विहार, सेक्टर-तीन, बजधेड़ा, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए आदि शामिल हैं।
इसके साथ ही हीरो होंडा चौक के समीप सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण होना है। इसके लिए इस क्षेत्र में स्थित 66 केवीए क्षमता के बिजलीघर को हटाया जाएगा। यह परियोजना ओल्ड गुरुग्राम के लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
