Rewari ASI Suicide Case: हरियाणा पुलिस के एएसआई कृष्ण कुमार ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया, और यह घटना पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते में विश्वासघात और मानसिक प्रताड़ना की कहानी बनकर सामने आई। मृतक के अनुसार, उसने अपनी पत्नी को पढ़-लिखाकर और आत्मविश्वास से लैस किया, जिससे वह सरकारी स्कूल में शिक्षिका बन सके, लेकिन शादी के बाद उत्पन्न विवाद और परेशानियों ने उसे इस क़दम पर मजबूर कर दिया।
सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज
आत्महत्या से पहले कृष्ण कुमार ने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने पत्नी और ससुराल के अन्य सदस्यों द्वारा की गई मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया। पुलिस ने इस नोट के आधार पर पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जैनाबाद गांव के 40 वर्षीय कृष्ण कुमार गुरुग्राम में एएसआई के पद पर तैनात थे। हाल ही में वे अपने पैतृक गांव आए थे। देर शाम को घर के एक कमरे में उन्होंने पंखे के हुक से फांसी लगाई। परिजन उन्हें फंदे पर देखकर चिल्लाए और पुलिस को सूचना दी।
2007 में हुई थी शादी
डहीना चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मृतक के पास मिला सुसाइड नोट भी बरामद किया, जिसमें दिल्ली में पीजीटी शिक्षक के पद पर तैनात पत्नी और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार, कृष्ण कुमार की शादी 2007 में हुई थी।उन्होंने अपनी पत्नी को उच्च शिक्षा दिलाई और बीएड कराकर सरकारी शिक्षिका बनने में मदद की। पत्नी की दिल्ली में नौकरी लगने के बाद दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हुआ। पत्नी ने अपने पीहर वालों की बात मानी और बच्चों को अपने साथ ले लिया। पिछले दो साल से वे अलग रह रहे थे।
ससुराल पक्ष पर मामला दर्ज
डहीना चौकी पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर पत्नी और अन्य ससुरालजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कृष्ण कुमार दो बच्चों के पिता थे – एक 13 साल का बेटा और एक 15 साल की बेटी। चचेरे भाई टोनी के अनुसार, पत्नी की नौकरी लगने के बाद से ही दोनों में विवाद शुरू हुआ था। इससे पहले जीवन सामान्य और शांतिपूर्ण था। आत्महत्या की असली वजह कृष्ण ने अपने सुसाइड नोट में ही स्पष्ट रूप से लिखी है। डहीना चौकी के इंचार्ज रजनीश ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सुसाइड नोट में लिखी गई बातों की सत्यता की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
