गुरुग्राम

गैंगस्टर कौशल चौधरी की पत्नी गिरफ्तार, करती थी ये गलत काम

हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। कौशल की पत्नी पर फोन के जरिए लोगों से रंगदारी का आरोप है।

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गैंगस्टर कौशल चौधरी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

गुरुग्राम: पुलिस ने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। कौशल की पत्नी पर फोन के जरिए लोगों से रंगदारी का आरोप है। फिलहाल, चौधरी जेल में बंद है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर विरोधी माना जाता है। चौधरी ही गैंगस्टर देवेंद्र बंबीहा के हत्या के बाद बंबीहा गैंग संभालता है। कौशल के खिलाफ हत्या, फिरौती, लूट और अपहरण के हरियाणा और पंजाब में कई मामले दर्ज हैं।

दुबई से नेटवर्क चलाता था कौशल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कौशल पहले दुबई में रहता था और वहीं से बैठकर हरियाणा और पंजाब में अपने वारदातों को अंजाम देता था, लेकिन 2021 में पंजाब और गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तभी से वह जेल में बंद है। कौशल चौधरी के बारे में कहा जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई के साथी विक्की मिद्दूखेड़ा को मारने वालों को हथियार कौशल चौधरी ने मुहैया करवाए थे।

ये भी था मामला

एबीपी के मुताबिक, विक्की मिद्दीखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए लॉरेंस ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई और सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद कौशल चौधरी ने लॉरेंस बिश्नौई को खुलेआम धमकी दी थी कि अब वो लॉरेंस बिश्नोई की भी हत्या करेगा। इससे पहले भी कौशल चौधरी ने लॉरेंस बिश्नोई के करीबी व्यवसायी के घर इंग्लैंड में फायरिंग करवाई थी और घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी।

कहा जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई भी कौशल चौधरी को हर हाल में मारना चाहता है क्योंकि चौधरी उसकी गैंग पर पलटवार कर सकता है। कौशल चौधरी के पास भी लॉरेंस बिश्नोई की तरह बड़ी तादात में शूटर्स हैं, बड़ा नेटवर्क और पैसा भी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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