Gurugram: अगर आप भी बैंक के नाम पर आने वाले फोन पर आंख बंद कर भरोसा करते हैं तो सावधान हो जाएं, कहीं ऐसा न हो कि आपकी बैंक से संबंधित समस्या सुलझाने का झांसा देकर शातिर ठग आपका बैंक अकाउंट ही खाली कर दें। ऐसा ही एक बड़ा मामला मानेसर से आया है। यहां के रहने वाले हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड इंस्पेक्टर रामफल के खाते से किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बिजली बिल का पेमेंट हो रहा था। रामफल ने इसकी शिकायत बैंक में की। वहां से आश्वासन दिया गया कि, आपकी शिकायत को कस्टमर केयर अधिकारी को भेजा जा रहा है। वहां से जल्द ही आपसे संपर्क कर आपकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। कुछ दिनों बाद कस्टमर केयर का फोन भी आया, लेकिन उसने समस्या सुलझाने की जगह रिटायर्ड इंस्पेक्टर का अकाउंट ही खाली कर दिया।
दरअसल, रामफल की शिकायत बैंक से लीक होकर किसी तरह साइबर ठगों तक पहुंच गई और शातिर ठग बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बन रामफल के अकाउंट से 95 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित इंस्पेक्टर रामफल ने इस संबंध में मानेसर साइबर पुलिस थाने में शिकायत देकर साइबर ठगों के साथ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बैंक में शिकायत करने के कुछ दिनों बाद ही उसके पास कथित बैंक कस्टमर केयर अधिकारी का फोन आया और उसने समस्या का समाधान कराने का झांसा देकर उसके मोबाइल पर एक क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड कराकर उसका मोबाइल हैक कर लिया और फिर बैंक खाते में मौजूद पूरे पैसे निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
