किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि उन पर कोरोना वायरस की गाइडलाइंस लागू नहीं होती हैं। यह बात रविवार (25 दिसंबर, 2022) को उन्होंने उस सवाल के जवाब में कहीं, जब पत्रकारों ने टिकैत से पूछा था कि किसान आंदोलन न करें, इसलिए कोरोना की बात लाई जा रही है। गाइडलाइंस आ रही हैं, आप इस पर क्या कहेंगे?
वह इस बोले- ये लोग राजस्थान में अपनी यात्रा निकाल रहे हैं, वहां कोरोना नहीं है क्या?...ये गुजरात में निकाल रहे हैं...बीजेपी के लोग बड़ी बैठकें कर रहे हैं। कोरोना तो वहां पर भी होगा। हम पर कोरोना की गाइडलाइंस लागू नहीं होतीं। हमारा आंदोलन पहले भी चल रहा था और आगे भी शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि 26 जनवरी को हरियाणा के जींद में बड़ी पंचायत की जाएगी, जहां पर सब जगह से लोग आएं। वे अपने-अपने ज्ञापन देंगे। चूंकि, लोग ट्रैक्टर चलाना और सरकार 26 तारीख न भूल जाए, लिहाजा ट्रैक्टर मार्च भी होगा और पंचायत भी की जाएगी। दिल्ली में मार्च में कार्यक्रम होना है, जिसकी तारीख तय की जाएगी।
वैसे, रोचक बात यह है कि दोनों नेताओं का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब भारत में नए साल से पहले कोरोना वायरस का संभावित खतरा मंडरा रहा है। हर रोज कोविड के ताजा केस सामने आते हैं, जिसका डेटा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी भी किया जाता है। इस बीच, चीन में कोविड-19 केसों में वृद्धि देखी गई है।
हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि क्या चीन में कोरोना के मामलों में उछाल से कोरोना का नया उत्परिवर्तित प्रकार दुनिया में फैल सकता है? मगर इसे लेकर चिंताएं जरूर बढ़ गई हैं कि ऐसा हो भी सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अभी फैले कोविड-19 के ओमीक्रोन जैसा हो सकता है, जबकि वैज्ञानिक कहते हैं कि यह कोरोना वायरस के कई प्रकारों का मिश्रण हो सकता है या फिर पूरी तरह से अलग एक नया प्रकार हो सकता है।
