नोएडा: एनसीआर के जिले नोएडा-ग्रेनों में तेजी के साथ सड़कों और फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बढ़ते वाहनों के बोझ और रोजाना लगने वाले जाम को कम करना है। उधर, जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) से जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे और लिंक रोड का निर्माण किया जा रहा है तो नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे (Noida-Greno Expressway) के सामानांतर एक और नए एक्सप्रेसवे को बनाने की योजना है। इधर, उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के सेक्टर साइट-5 और ईपीआईपी की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनाया जा रहा फ्लाईओवर अगले चार महीने में तैयार हो जाएगा। कार्य की प्रगति को लेकर महाप्रबंधक राजीव त्यागी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने फ्लाईओवर का निरीक्षण किया है।
75 प्रतिशत पूर्ण
फिलहाल, फ्लाईओवर की फाउंडेशन एंव सबस्ट्रक्चर का कार्य पूरा कर लिया गया है। ये फ्लाईओवर तीन लेन में बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, परी चौक (Pari Chauk) और कासना के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए यूपीसीडा के औद्योगिक सेक्टर महाप्रबंधक ने सूरजपुर साइट-4, साइट-5, ईपीआईपी, साइट-बी, सी में हो रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली। यह फ्लाईवे 391.4 मीटर लंबा होगा। फ्लैटेड फैक्टरी साइड की आरई वॉल का कार्य 75 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। यह फ्लाईओवर औद्योगिक सेक्टर साइट-5, कासना एवं फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स को ग्रेटर नोएडा के सावित्री बाई फुले इंटर कॉलेज के पास से ग्रेटर नोएडा और नोएडा से जोड़ेगा। इससे लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
18.36 करोड़ का खर्च
यूपीसीडा के मुताबिक, फ्लाईओवर को निर्धारित समय से छह माह पहले ही यानी अक्टूबर 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। फ्लाईओवर के निर्माण से यूपीसीडा के औद्योगिक सेक्टर साइड-5 व ईपीआईपी में पहुंचना आसान हो जाएगा। फ्लाईओवर की अनुमानित लागत 18.36 करोड़ है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपी ब्रिज कॉरपोरेशन (UP Bridge Corporation) के पास है। इसके खुलने से आसपास रहने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
