ग्रेटर नोएडा

Greater Noida: दूषित पानी ने दी बीमारी, अस्पतालों में पहुंचे उल्टी, दस्त बुखार के मरीज; 1 हजार का चेकअप

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की सुपरटेक इको विलेज-2 सोसाइटी में दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोगों के बाद करीब 1 हजार लोगों का चेकअप कराया गया है। सोसाइटी के अंदर स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों का हेल्थ कैंप लगातार तीसरे दिन भी लगा रहा।

Image

Greater Noida: दूषित पानी ने दी बीमारी, अस्पतालों में पहुंचे उल्टी, दस्त बुखार के मरीज; 1 हजार का चेकअप

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इको विलेज-2 सोसाइटी में दूषित पानी के चलते हजारों लोग बीमार हो गए थे। इनमें से 20 लोगों का इलाज दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में चल रहा है। बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। सोसाइटी के अंदर स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों का हेल्थ कैंप लगातार तीसरे दिन भी लगा रहा। गुरुवार की रात 10 बजे तक कैंप लगा रहेगा। बताया जाता है कि एक हजार से ज्यादा लोगों का चेकअप किया जा चुका है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग और अथॉरिटी द्वारा लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

हेल्थ कैंप लगाया गया

जानकारी के मुताबिक सुपरटेक इको विलेज-2 में गुरुवार को तीसरे दिन भी हेल्थ कैंप लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग चेकअप के लिए पहुंचे। आरोप है कि सोसायटी में पिछले दिनों पानी की अलग-अलग टंकियों की सफाई हुई थी। सफाई के बाद से जो पानी सप्लाई की जा रही थी, उसे पीने के बाद चार टावर में रह रहे लोग बीमार पड़ गए हैं। लोगों को आशंका है कि टंकियों की सफाई के दौरान अंदर गंदगी रह गई है या फिर उसे साफ करने के लिए डाले गए केमिकल की मात्रा ज्यादा होने की वजह से पानी दूषित हो गया होगा।

सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि टावर सी-4, सी-5, सी-6 और सी-7 में 20 मंजिल इमारत है। एक टावर में 160 से अधिक फ्लैट हैं। इनमें रहने वाले सैकड़ों लोगों ने पिछले दो-तीन दिन में पेट दर्द, दस्त, उल्टी और बुखार होने की शिकायत की है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article