Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्र में मेट्रो सेवा का विस्तार होने जा रहा है। नई मेट्रो लाइन, जिसे 'नमो भारत मेट्रो' नाम दिया गया है, जो गाजियाबाद से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक चलेगी। यह योजना अब आकार लेने लगी है। बता दें कि इस योजना के तहत 72.4 किलोमीटर लंबी लाइन पर मेट्रो दौड़ेगी, जो इस ग्रेटर नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक के विभिन्न क्षेत्र के विकास और ट्रैफिक की समस्याओं के समाधान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एनसीआरटीसी ने प्लान किया तैयार
इस योजना को रूप देने के लिए एनसीआरटीसी ने प्लान तैयार किया है। इसके तहत मेट्रो लाइन निर्माण, स्टेशनों की डिजाइनिंग, यात्रियों के लिए सुविधाएं समेत अन्य पहलुओं का ध्यान रखा गया है। खासकर इन चीजों को प्राथमिकता दी गई है। जानकारी के अनुसार, इस लाइन पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन 22 स्टेशनों से पूरे क्षेत्र में कई सारी समस्याओं का समाधान होगा। जैसे सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा, जिससे लोगों को जाम के झाम से निजात मिलेगी।
किन 22 स्टेशनों पर रुकेगी मेट्रो?
बता दें कि इस लाइन पर जो 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं, उनमें ग्रेटर नोएडा, नोएडा एक्सटेंशन या ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के अलग-अलग क्षेत्र जुड़ेंगे। यह मेट्रो लाइन गाजियाबाद के सिद्धार्थ नगर से शुरू होगी और नोएडा के सेक्टर-71, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, टेक जोन-4, बिसरख, सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, अल्फा-1, ग्रेटर नोएडा डेल्टा-1, परी चौक और यमुना एक्सप्रेसवे होते जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। इस दौरान 22 स्टेशनों पर मेट्रो का ठहराव होगा।
कब तक बनकर होगा तैयार?
आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने इस परियोजना के लिए विस्तृत सर्वेक्षण किया है। सर्वेक्षण के आधार पर यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मेट्रो लाइन का डिजाइन और निर्माण किया जाएगा। NCRTC का लक्ष्य है कि यह परियोजना 2031 तक पूरी हो जाए। साथ ही नमो भारत मेट्रो परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। यह न केवल क्षेत्र के विकास में सहायक होगी बल्कि लोगों के जीवन को भी आसान बनाएगी। आने वाले समय में यह परियोजना क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगी।
