ग्रेटर नोएडा

ग्रेनो वेस्ट में 80 करोड़ की लागत से बन रहा STP, शहर से गुजरने वाली हिंडन नदी को मिलेगा नया जीवन

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में 45 एमएलडी क्षमता वाले अत्याधुनिक सीवरेज शोधन संयंत्र का निर्माण शुरू हो गया है, जो शहर की स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान देगा। नॉलेज पार्क-5 में भी 50 एमएलडी क्षमता वाले एक अन्य एसटीपी की योजना सक्रिय चरण में है। यह परियोजना प्रदूषित जल को शोधित कर पर्यावरण सुधारने और हिंडन नदी को नया जीवन देने का प्रयास करेगी।

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ग्रेनो वेस्ट में एसटीपी का निर्माण शुरू (प्रतीकात्मक फोटो)

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में 45 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। आधुनिक तकनीकों से लैस ये संयंत्र लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार होगा, जिसमें 80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी के साथ, नॉलेज पार्क-5 में 50 एमएलडी क्षमता वाले एक अन्य एसटीपी के निर्माण की योजना भी सक्रिय चरण में है, जहां स्थान चिन्हित कर निविदा जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर एसटीपी स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रहा है, ताकि संपूर्ण सीवर को शोधित किया जा सके।

इस योजना के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में चार एकड़ भूमि पर एसटीपी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्यदायी संस्था को इसे लगभग डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि संचालन और रखरखाव के लिए 120 माह की कार्य अवधि निर्धारित की गई है। गाजियाबाद से होते हुए हिंडन नदी नोएडा और ग्रेटर नोएडा का बॉर्डर बनाती हुई आगे चलकर यमुना में मिल जाती है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हिंडन को देखकर कोई नहीं कह सकता कि ये नदी है, बल्कि यहां पर हिंडन नदी का काला पानी और उससे उठती बदबू नाले का एहसास देती है। STP बनने से हिंडन में साफ पानी गिरेगा तो उसे नया जीवन मिल सकता है।

डिस्पोजल चैनल हिंडन के किनारे

निर्माण प्रक्रिया के दौरान वायु, जल, ध्वनि तथा कचरा प्रबंधन संबंधी सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, संयंत्र का डिस्पोजल चैनल हिंडन नदी के किनारे स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र सौर ऊर्जा से भी संचालित होगा, जिससे बिजली की बचत संभव होगी। प्राधिकरण की योजना सीवर के पानी को पुनः उपयोग में लाने की है। इसके अलावा, सभी एसटीपी अत्याधुनिक सिक्वेंशियल बैच (एसबीआर) तकनीक से लैस होंगे, ताकि प्रभावी जल शुद्धिकरण सुनिश्चित किया जा सके।

पर्यावरण का बचाव

इस सीवरेज संशोधन से पर्यावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा। प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी का कहना है कि अगले 25 सालों की योजना के तहत सभी बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें से एक अहम बिंदु स्वच्छता है। योजना के मुताबिक घरों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को 100 फीसदी शुद्ध किया जाना है।

डेढ़ साल में निर्माण

एसीईओ प्रेरणा सिंह के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 45 एमएलडी क्षमता का STP डेढ़ साल में बनकर तैयार जाएगा। इसका निर्माण शुरू कर दिया गया है। नॉलेज पार्क-5 में 50 एमएलडी क्षमता के STP के निर्माण की तैयारी चल रही है। इससे शहर को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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