ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा आ रहे बाबा बागेश्वर धाम, कहां और कब होगा आयोजन-कितना बड़ा पंडाल? जानें सबकुछ

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 1, 2023, 09:17 AM IST

Bageshwar Dham: ग्रेटर नोएडा के जैतपुर में नौ जुलाई को यह आयोजन किया जाना है। इस दौरान हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। कथा के पंडाल को मौसम को देखते हुए तैयार किया जा रहा है। मानसून का मौसम होने के कारण बारिश कभी भी हो सकती है, ऐसे में जर्मन टेंट लगवाए जा रहे हैं, जिससे बारिश के दौरान भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

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बाबा बागेश्वर धाम

Photo : Twitter

Bageshwar Dham: बाबा बागेश्वर धाम सरकार के मुख्य मंडित धीरेंद्र शास्त्री ग्रेटर नोएडा आ रहे हैं। वहा यहां श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करेंगे। उनके कार्यक्रम के आयोजन के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के जैतपुर में नौ जुलाई को यह आयोजन किया जाना है। इस दौरान हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है।

बाबा बागेश्वर की कथा के आयोजन के लिए चार लाख स्कवायर फीट एरिया में पंडाल को सजाया जा रहा है। करीब 250 से ज्यादा मजदूर और वॉलिंटियर कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटे हुए हैं। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भी कई इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, आयोजकों की ओर से कथा से पहले कलश यात्रा का आयोजन किया जा जाएगा। इस दौरान देश भर के साधु संत भी पहुंचेंगे।

सीसीटीवी-पुलिस और एक हजार वॉलिंटियर

आयोजकों का कहना है कि कथा के पंडाल को मौसम को देखते हुए तैयार किया जा रहा है। मानसून का मौसम होने के कारण बारिश कभी भी हो सकती है, ऐसे में जर्मन टेंट लगवाए जा रहे हैं, जिससे बारिश के दौरान भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था भी काफी मजबूत रहेगी। इसके लिए पुलिस सहायता ली जाएगी। वहीं, पूरे कार्यक्रम स्थल को सीसीटीवी से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा करीब एक हजार वॉलिंटियर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।

500 से ज्यादा संत, मुख्य अतिथि हनुमान जी

आयोजकों का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पूरे देश के करीब 500 से अधिक संतों और महामंडलेश्वरों के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा सभी छोटे-बड़े संतों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रीराम भक्त हनुमान जी को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों का कहना है कि श्रीराम भक्त हनुमान सभी भक्तों को अपना आशीर्वाद देंगे और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भी अपनी कृपा बरसाएंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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