Gorakhpur News: गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इलाहीबाग स्थित हरबर्ट बांध पर मोटरसाइकिल से गुजर रहे 40 वर्षीय रमेश कनौजिया की गर्दन में अचानक एक धारदार मांझा उलझ गया। मांझे से उनकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई और ज्यादा खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हादसा प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की वजह से हुआ, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
चलती बाइक पर अचानक गर्दन में उलझा मांझा
मिली जानकारी के मुताबिक, माधोपुर निवासी रमेश कनौजिया शनिवार दोपहर मोटरसाइकिल से इलाहीबाग के हरबर्ट बांध से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। मांझे की धार इतनी तेज थी कि उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई। गंभीर रूप से घायल रमेश मोटरसाइकिल से सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही काफी खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उनकी मदद की और गंभीर हालत में गोरखपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रमेश कनौजिया एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के मुताबिक, रमेश परिवार की आजीविका का प्रमुख सहारा थे। उनकी मौत के बाद पत्नी और बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। घर में मातम पसरा हुआ है और पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने कहा गर्दन पर लगा था धागा
इस दर्दनाक घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के बयानों में एक महत्वपूर्ण अंतर सामने आया है। चश्मदीदों का दावा है कि रमेश कनौजिया की गर्दन प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कटी थी। वहीं, इस मामले में क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि शनिवार दोपहर हुई घटना में मोटरसाइकिल सवार की गर्दन पर कोई धागा लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गर्दन पर लगा धागा सामान्य पतंग का मांझा था या प्रतिबंधित चाइनीज मांझा।
