Ghaziabad News: गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए सूर्य चौहान हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को मामले के चौथे आरोपी सारिक मेवाती को गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात के बाद से फरार चल रहे सारिक पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि सूर्य चौहान की हत्या की साजिश और हमले में असद, नवाब, फरहान, अतीक और सारिक मेवाती समेत कई लोग शामिल थे। घटना के बाद मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं नवाब, फरहान और अतीक को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सारिक मेवाती लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी तलाश में कई टीमें लगी हुई थीं। आखिरकार बुधवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जिससे इस चर्चित हत्याकांड के सभी प्रमुख आरोपियों पर कार्रवाई पूरी हो गई है।
सूर्य पर चाकुओं से हमला
सारिक मेवाती की गिरफ्तारी के लिए खोड़ा पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान बुधवार को मिली एक गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने इंदिरापुरम अंडरपास के पास नहर पटरी से उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, सारिक मेवाती खोड़ा कॉलोनी के नवनीत विहार इलाके का निवासी है, जबकि उसका पैतृक घर अलीगढ़ जिले के छर्रा क्षेत्र में स्थित है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने सूर्य चौहान हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि वारदात को अंजाम देने में उसने अपने साथी असद, फरहान, अतीक और असद के पिता नवाब के साथ मिलकर सूर्या पर चाकुओं से हमला किया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं के साथ-साथ उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
किस दिन हुई थी वारदात?
जानकारी के अनुसार, 28 मई को बकरीद के दिन सूर्य चौहान की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि असद और उसके साथियों ने मिलकर उस पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था और इसके बाद खोड़ा क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए थे। मामले की जांच के दौरान रविवार तड़के गाजियाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं, पुलिस इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस बीच प्रशासन ने उस मकान पर भी नोटिस चस्पा किया है, जहां असद रह रहा था। अधिकारियों का कहना है कि मकान के निर्माण संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अगर जांच में निर्माण अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसके शव को गाजियाबाद के विजयनगर स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया। उसके जनाजे दौरान परिवार के सीमित सदस्य ही मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कब्रिस्तान परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बुधवार को सूर्य की मां ने मामले में शामिल बाकी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को अभी तक पूरा न्याय नहीं मिला है और घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
