गाजियाबाद

आपके घर पहुंचेगा दफ्तर! मुहल्ले में बनवाएं पासपोर्ट; चुटकी में होगा काम

गाजियाबाद पासपोर्ट दफ्तर ने मोबाइल वैन सेवा शुरू की है। 20 फरवरी तक इंडियन कोस्ट गार्ड के सेक्टर 24 स्थित कैंपस में इंडियन कोस्ट गार्ड के कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य पासपोर्ट बनवा सकेंगे।

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गाजियाबाद पासपोर्ट दफ्तर मोबाइल वैन सेवा

नोएडा: नोएडा में रहने वाले लोगों को पासपोर्ट बनवाने में कोई कठिनाई नहीं होगी। गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने एक मोबाइल पासपोर्ट वैन की शुरुआत की है, जो जरूरतमंद स्थानों पर जाकर नागरिकों को पासपोर्ट सेवा प्रदान करेगी। अभी तक 11 जिलों के लिए सिर्फ गाजियाबाद में ही पासपोर्ट ऑफिस है, जहां पर 11 जिलों के लोग जाकर अपना पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि अगर इस दौरान कोई त्रुटि होती है या कोई गलती होती है तो उसे ठीक करवाने के लिए लोगों को पासपोर्ट दफ्तर के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। गाजियाबाद पासपोर्ट दफ्तर की तरफ से भेजी गई यह मोबाइल वैन फिलहाल इंडियन कोस्ट गार्ड के सेक्टर 24 स्थित कैंपस में खड़ी की गई है, जहां इंडियन कोस्ट गार्ड के कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के लिए पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं।

20 फरवरी तक उठाएं लाभ

यह सेवा 18 से 20 फरवरी तक उपलब्ध रहेगी। इस दौरान कैंपस में रहने वाले लोग और उनके परिजन पासपोर्ट संबंधित सभी कार्य करवा सकेंगे। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप ने बताया, "हमने अब तक 60 आवेदकों के आवेदन प्राप्त कर लिए हैं और उम्मीद है कि अगले दो दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता के अनुसार, इस वैन को अन्य सरकारी संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में भेजा जाएगा। जहां से रिक्वायरमेंट आ रही है, वहां पासपोर्ट मोबाइल वैन लगाई जाएगी। चाहे वह कोई सरकारी संस्थान हो, स्कूल हो या कॉलेज। इसके अलावा, नोएडा में सेक्टर 19 में बने पोस्ट ऑफिस में भी पासपोर्ट सेवा केंद्र उपलब्ध है, जहां लोग जाकर अपना पासपोर्ट बनवा सकते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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