गाजियाबाद

Ganga Expressway का अपडेट : मेरठ से बदायूं तक 130 किमी के हिस्से में अगले महीने से फर्राटा भरने की कर लें तैयारी!

उत्तर प्रदेश में एक लंबा इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। जी हां, मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे का पहला 130 किलोमीटर का हिस्सा मेरठ से बदायूं तक बनकर लगभग तैयार है और नवंबर में वाहनों के लिए खुल सकता है। मेन कैरिजवे, स्ट्रीटलाइट्स, कैमरे, टोल प्लाजा और कंट्रोल रूम का काम लगभग पूरा हो चुका है।

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गंगा एक्सप्रेसवे

Ganga Expressway Update: देश की विकास को रफ्तार देते हैं यहां के बड़े-बड़े और शानदार एक्सप्रेसवे। यही कारण है कि देशभर में एक के बाद एक एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। फिर चाहे वह देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हो या दूसरा सबसे समृद्धि एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और कई अन्य। जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी कई एक्सप्रेसवे बने हैं और कुछ बन रहे हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में गंगा एक्सप्रेसवे है, जो पूर्व और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा। इसी एक्सप्रेसवे को लेकर कुछ अपडेट है, जो आपके लिए जानना जरूरी है।

130 किमी में गाड़ियां मारेंगी फर्राटा

यूपी सरकार और यहां की जनता को लंबे समय से गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का इंतजार है। पहले माना जा रहा था कि इसी साल जनवरी-फरवरी में हुए प्रयागराज कुंभ मेले से पहले इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। अब इस एक्सप्रेसवे को लेकर अच्छी खबर ये है कि इसका पहला 130 किलोमीटर का हिस्सा लगभग तैयार है। यह हिस्सा मेरठ से बदायूं तक फैला है और माना जा रहा है कि इसे नवंबर में वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। मतलब नवंबर के अंत तक गाड़ियां इस गंगा एक्सप्रेसवे के 130 किमी के स्ट्रैच पर फर्राटा भर सकती हैं।

हालांकि, मेरठ-बदायूं चरण का काम पूरा होने की समयसीमा 12 अक्टूबर तय थी, लेकिन इस साल मानसून का दौर लंबा चला और बारिश भी खूब हुई, जिसके चलते निर्माण कार्य में थोड़ी सी देरी हो गई।

मेन कैरिजवे का काम लगभग पूरा

कहा जा रहा है कि मेरठ-बदायूं खंड के मेन कैरिजवे के निर्माण का कार्य लगभग समाप्त हो चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर स्ट्रीट लाइट्स, सिक्योरिटी कैमरे, कंट्रोल रूम, इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्पीड मीटर और टोल प्लाजा उपकरण लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। इस पूरे हिस्से को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है।

Ganga-canal Expressway

मेरठ से बदायूं तक गंगा एक्सप्रेसवे जल्द शुरू हो सकता है

मेरठ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का प्रवेश द्वार बिजौली गांव (हापुड़ रोड के किलोमीटर 16 पर) स्थित है। यहां से जिले के बॉर्डर तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा हिस्सा तैयार हो चुका है। इस हिस्से को साइन बोर्ड्स और वेलकम साइन से सजाया गया है। यहां रात में स्ट्रीट लाइट्स जलने लगी हैं। खड़खड़ी गांव में टोल प्लाजा भी बनकर तैयार है और इसके बूथों में सभी जरूरी मशीनें लग चुकी हैं। कंट्रोल रूम और कैमरे भी इंटरनेट से कनेक्ट किए जा चुके हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ-बदायूं चरण की कुछ खास बातें

  • छोटे पुल - 29
  • बड़े पुल - 05
  • रेलवे ओवर ब्रिज - 2
  • फ्लाईओवर - 09
  • छोटे-बड़े सभी अंडरपास की संख्या 117

यहां बची अंतिम चुनौती

गंगा एक्सप्रेसवे के पहले चरण का निर्माण कार्य एलएंडटी कंपनी कर रही है और यह निर्माण कार्य यूपीईडा (UPEIDA) के पीआईयू और ऑपरेटिंग एजेंसी आरआरबी की निगरानी में हो रहा है। जानकारी के अनुसार मेरठ से बदायूं तक लगभग सारा काम पूरा हो गया है। अब सिर्फ सिंभावली स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के अप्रोच रोड का काम बचा है, जो तेजी से चल रहा है। इसके लिए करीब 1 लाख घन मीटर मिट्टी की आवश्यकता होगी और इस कार्य के अक्टूबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद भी की जा रही है।

नई समय सीमा क्या है?

आरआरबी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनुप कुमार के अनुसार, 'इस साल लंबे मानसून के कारण काम प्रभावित हुआ, लेकिन ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ सिंभावली आरओबी का अप्रोच रोड बचा है, जो अक्टूबर के अंत तक तैयार हो जाएगा। स्ट्रीटलाइट्स, कैमरे, स्पीड मीटर, कंट्रोल रूम और टोल उपकरणों का काम भी लगभग समाप्त हो चुका है। सर्वर और इंटरनेट कनेक्शन भी चालू कर दिए गए हैं। नवंबर में यह एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए तैयार होगा।'

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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