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खूब खाए होंगे ड्राई फ्रूट्स, पर क्या बताएंगे इनके प्रोड्यूसिंग स्टेट्स के नाम, अगर नहीं तो आइए जानें

ड्राई फ्रूट्स हमारी लाइफ का अहम हिस्सा हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना समेटे होते हैं। हम इन्हें बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि ये देश के किन-किन राज्यों में बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं भारत के प्रमुख ड्राई फ्रूट्स उत्पादक राज्यों के बारे में, जो इनकी पहचान बने हुए हैं।

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यहां होते हैं आपके पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Dry Fruits Producing States in India: चाहे त्योहारों की रौनक हो या रोजमर्रा की सेहतमंद दिनचर्या, ड्राई फ्रूट्स यानी सूखे मेवे हमारे खानपान का अहम हिस्सा हैं। इन्हें सुपरफूड इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये पौष्टिक मेवे आखिर देश के किन राज्यों में सबसे ज्यादा उगाए जाते हैं? हर सूखे मेवे के लिए अलग-अलग जलवायु और मिट्टी की जरूरत होती है। भारत के कई राज्य अपनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण इन मेवों के प्रमुख उत्पादक बने हुए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन-सा सूखा मेवा किस राज्य की पहचान बना हुआ है।

Where are cashews grown in India?

भारत में काजू कहां होता है?

भारत में काजू उत्पादक राज्य

काजू (Anacardium occidentale) एक लोकप्रिय और पौष्टिक सूखा मेवा है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबहार वृक्ष से प्राप्त होता है। इसका मूल स्थान दक्षिण अमेरिका माना जाता है, लेकिन वर्तमान में भारत और अफ्रीका के कई देशों में इसकी व्यापक खेती की जाती है। काजू का बीज इसके फल, जिसे काजू सेब (Cashew Apple) कहा जाता है, के नीचे लटकने वाले गुर्दे के आकार के कठोर खोल के अंदर पाया जाता है। भारत में काजू उत्पादन की दृष्टि से महाराष्ट्र अग्रणी राज्य है। विशेष रूप से सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और कोल्हापुर जिले इसकी खेती के प्रमुख केंद्र हैं। कोंकण क्षेत्र की अनुकूल जलवायु, साथ ही प्रोसेसिंग और निर्यात इकाइयों को मिलने वाला सरकारी सहयोग, इस राज्य को काजू उत्पादन में आगे बढ़ाने में सहायक रहा है। यही कारण है कि महाराष्ट्र कच्चे काजू के साथ-साथ काजू गिरी जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

Almond producing states in India

भारत में बादाम उत्पादक राज्य

भारत में बादाम उत्पादक राज्य

बादाम (Prunus dulcis) ‘प्रूनस’ वंश के पेड़ का एक पौष्टिक और खाद्य बीज है। सामान्यतः इसे सूखे मेवे की श्रेणी में रखा जाता है, हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह बादाम के फल के भीतर पाई जाने वाली गिरी होती है। यह पेड़ मूल रूप से एशिया क्षेत्र का माना जाता है और इसमें आकर्षक गुलाबी-सफेद रंग के फूल खिलते हैं। भारत में बादाम उत्पादन की बात करें तो जम्मू-कश्मीर इस क्षेत्र में अग्रणी है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की वर्ष 2022-23 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में सबसे अधिक बादाम का उत्पादन यहीं होता है। कुल राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत से अधिक, यानी करीब 91.26 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर से प्राप्त होता है।

State with the Largest Production of Raisins in India

भारत में किशमिश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य

भारत में किशमिश उत्पादक राज्य

किशमिश अंगूर को धूप या नियंत्रित गर्म हवा में सुखाकर तैयार की जाने वाली एक स्वादिष्ट और पौष्टिक सूखी मेवा है। सुखाने की प्रक्रिया के कारण इसमें नमी की मात्रा कम हो जाती है, जिससे इसकी मिठास और अधिक बढ़ जाती है। प्रायः इसे छोटे और बीजरहित अंगूरों से बनाया जाता है। किशमिश पाचन के लिए लाभकारी मानी जाती है और इसमें फाइबर तथा आयरन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और पोषण प्रदान करते हैं। भारत में किशमिश उत्पादन में महाराष्ट्र अग्रणी राज्य है। देश के कुल उत्पादन का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा यहीं से प्राप्त होता है। सांगली, नासिक, सोलापुर और पुणे जिले इसके प्रमुख उत्पादन क्षेत्र हैं। अनुकूल जलवायु और व्यापक अंगूर की खेती के कारण इन क्षेत्रों में किशमिश का भरपूर उत्पादन होता है।

Pistachio producing states in India

भारत में पिस्ता उत्पादक राज्य

भारत में पिस्ता उत्पादक राज्य

पिस्ता (Pistachio) एक स्वादिष्ट और अत्यंत पौष्टिक सूखा मेवा है, जो अपने हल्के रंग के कठोर छिलके और अंदर मौजूद हरे रंग के बीज के कारण आसानी से पहचाना जाता है। यह ‘पिस्टेशिया वेरा’ नामक पेड़ का फल है और अपने समृद्ध स्वाद के साथ-साथ फाइबर, प्रोटीन तथा एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के लिए प्रसिद्ध है। पिस्ता को हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने और वजन संतुलित रखने में सहायक माना जाता है, इसलिए इसे एक हेल्दी स्नैक के रूप में पसंद किया जाता है। भारत में पिस्ता की व्यावसायिक खेती मुख्यतः राजस्थान के शुष्क इलाकों में की जा रही है। बीकानेर, जोधपुर, नागौर, जालौर और जैसलमेर जैसे क्षेत्र इसके लिए अनुकूल माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ठंडे पर्वतीय क्षेत्रों में भी इसकी खेती की जाती है। अब गुजरात, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी पिस्ता उत्पादन का विस्तार हो रहा है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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