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महाराष्ट्र : नांदेड़ में गड्ढे में डूबे चार बच्चे, नगर निकाय की लापरवाही से गई जान

महाराष्ट्र के नांदेड़ में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, नगर निकाय इलाके में नाले का निर्माण करा रहा है। घटनास्थल के पास 15 फुट गहरा एक गड्ढा है जहां गंदा पानी जमा हो गया है।

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सांकेतिक फोटो-(Istcok)

महाराष्ट्र के नांदेड़ में बृहस्पतिवार को 10 से 13 वर्ष की उम्र के चार बच्चे पानी से भरे गड्ढे में डूब गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह करीब 11.30 बजे शहर के देगलूर नाका इलाके में एमजीआर गार्डन के पास हुई। पुलिस के अनुसार, नगर निकाय इलाके में नाले का निर्माण करा रहा है। घटनास्थल के पास 15 फुट गहरा एक गड्ढा है जहां गंदा पानी जमा हो गया है।

अधिकारी ने बताया कि इस्लामपुरा के रहने वाले चार बच्चे खेलने के लिए इस इलाके में गए और गहराई का अंदाजा लगाए बिना ही पानी में उतर गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पुलिस और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। बच्चों की पहचान मोहम्मद अदनान मोहम्मद फ़िरोज (10), मोहम्मद अली मोहम्मद इदरीस (13), सैय्यद इरफान सैय्यद फिरोज (13) और अयान इब्राहिम बागवान (11) के रूप में की गई है। अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

ठाणे में पानी की टंकी में 13 साल का बच्चा गिरा

उधर, ठाणे जिले में एक आवासीय परिसर में बनी पानी की टंकी में गिरने से 13 वर्षीय एक बालक की मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार को भिवंडी क्षेत्र में हुई। उन्होंने बताया कि अरहम जमाल खान नामक बालक खेल रहा था और तभी वह आवासीय परिसर में बनी पानी की टंकी में गिर गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भिवंडी शहर पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि टंकी भूमिगत है या जमीन के ऊपर बनी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर घटना की आगे जांच की जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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