चंडीगढ़ : दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आरोप लगाया था कि पूर्व सीएम आतिशी ने पिछले वर्ष नवंबर में दिल्ली सरकार द्वारा गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस के सिलसिले में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर हुई विशेष चर्चा के बाद उनके खिलाफ असंवेदनशील टिप्पणी की थी। इस मामले को लेकर भाजपा विधायकों ने कालकाजी से विधायक और सदन में विपक्ष की नेता आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, आतिशी समेत आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि भाजपा द्वारा इस्तेमाल किए गए वीडियो क्लिप से छेड़छाड़ की गई है। विधानसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग को अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। फोरेंसिक जांच के बाद पंजाब पुलिस ने कहा कि आतिशी ने गुरु शब्द कहा ही नहीं था। अब वीडियो को तोड़-मरोड़ कर अपलोड करने के मामले में जालंधर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
जालंधर पुलिस ने दर्ज की शिकायत
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि इकबाल सिंह की शिकायत पर दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता एवं विधायक आतिशी के एक वीडियो को तोड़-मरोड़ कर और तकनीक के माध्यम से बदलकर गलत तरीके से अपलोड और प्रसारित किए जाने के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी को गुरुओं के विरुद्ध कथित तौर पर अपमानजनक एवं निंदनीय टिप्पणियां करते हुए दिखाने वाली भड़काऊ सुर्खियों के साथ एक छोटी वीडियो क्लिप वाली कई पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर अपलोड/प्रसारित की गई हैं।
इस वीडियो की फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि आतिशी द्वारा अपनी ऑडियो में कहीं भी गुरु शब्द नहीं बोला गया है, जैसा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो क्लिपों में दिखाया जा रहा है। वास्तव में इस वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर इसे तकनीक के माध्यम से तोड़-मरोड़ कर अपलोड किया गया है, जिसमें ऐसे कुछ शब्द शामिल किए गए हैं जो आतिशी द्वारा बोले ही नहीं गए थे।
