Patna News: पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में रविवार को फायर सेफ्टी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस दौरान फायर ऑडिट टीम ने इमारत में आग से बचाव के इंतजाम, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की। इसमें कई सुरक्षा खामियां सामने आईं। संस्थान को 7-10 दिन में सुधार करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में अगर तय सममसीमा में सुरक्षा मानक पूरे नहीं किए जाते हैं तो सवाल यह उठता है कि नियमों की अनदेखी के मामले में खान सर की कोचिंग की पर ताला लग सकता है या नहीं?
सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरी खान ग्लोबल स्टडीज
पटना बिहार फायर सर्विस के कमांडेंट रितेश कुमार पांडे ने बताया कि 25 मई को भी कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि पांच मंजिला इमारत लगभग 4000 वर्ग मीटर एरिया में बनी हुई है, जिसकी ऊंचाई करीब 18 मीटर है। हालांकि, अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत कई आवश्यक सुरक्षा प्रावधान संस्थान में मौजूद नहीं थे।
उन्होंने बताया कि इमारत में सिर्फ एक सीढ़ी बनी हुई है, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। यहां पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर भी नहीं लगे थे और ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम भी मौजूद नहीं था। विभाग ने संस्थान को डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाले भूमिगत जल टैंक और पंप हाउस की व्यवस्था करने का भी सुझाव दिया था।
रितेश कुमार पांडे के अनुसार, 31 मई को संस्थान को नोटिस जारी किया गया था और बिल्डिंग में जरूरी सुधार करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। इसी क्रम में विभाग की टीम ने तय समय सीमा पूरी होने से पहले दोबारा निरीक्षण कर यह पता करने की कोशिश की कि सुझाए गए सुधारों पर कितना काम अब तक हुआ है।
कोचिंग संस्थान को 10 दिन में सुधार के निर्देश
फायर ऑडिट के दौरान इमारत की सीढ़ियों की चौड़ाई निर्धारित मानकों से कम पाई गई। विभाग ने कोचिंग संचालकों को 7 से 10 दिनों के अंदर सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर अगली समीक्षा के दौरान सुधार कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है, जिसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
