दिल्ली-NCR की परिकल्पना ही दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच मुक्त आवाजाही और आसान गवर्नेंस के लिए हुई थी। लेकिन NCR के दो शहरों को आपस में जोड़ना आज भी टेढ़ी खीर बना हुआ है। हम बात कर रहे हैं नोएडा और फरीदाबाद की। इन दोनों शहरों के बीच लोगों को दिल्ली में कालिंदी कुंज से होकर आना-जाना पड़ता है। FNG यानी फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद एक्सप्रेसवे की कल्पना अब तक उड़ान नहीं भर पाई है। हालांकि, इसको लेकर अब एक खुशखबरी जरूर हो सकती है।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अब FNG के तहत नोएडा और फरीदाबाद को जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। 10 किमी का हिस्सा तैयार करके सबसे पहले नोएडा और फरीदाबाद को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR अगले 3 से 4 महीने में तैयार हो जाएगी। डीपीआर तैयार होने के बाद दोनों राज्यों की सरकारों से मंजूरी मिलने के बाद FNG पर काम शुरू हो जाएगा। FNG बन जाने से लाखों गाड़ियों को रोज कालिंदी कुंज के पास जाम से नहीं जूझना होगा।
FNG एक्सप्रेसवे की कल्पना आज की नहीं पहले 1990 से पहले की है। इस पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन 1998 में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 2018 में फिर से इसके लिए डीपीआर तैयार की गई, लेकिन जमीन अधिग्रहण व अन्य दिक्कतों के चलते इसका निर्माण नहीं हो सका। वैसे बता दें कि FNG को लेकर ज्यादातर समस्याएं हरियाणा से फरीदाबाद क्षेत्र में ही हैं। नोएडा में इसका 70 फीसद काम पूरा हो चुका है। अब विधानसभा चुनाव से पहले हुए वादों के अनुसार नई डीपीआर बनाने का फैसला किया गया है।
पूर्व में फरीदाबाद में 28.1 किमी, नोएडा में 20 किमी और गाजियाबाद में FNG का 8 किमी हिस्सा बनना था। लेकिन इस बार हरियाणा में FNG का सिर्फ 10 किमी लंबा हिस्सा और यमुना नदी पर पुल बनाए जाने की योजना है। एक बार डीपीआर बन जाने के बाद इस परियोजना की कुल लागत का का आकलन भी हो जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को बढ़ाने में जुटी केंद्र सरकार को भी हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इस परियोजना को अमली-जामा पहनाना होगा।
यहां बनेगा यमुना पर पुल
FNG की बात करें तो यह नोएडा सेक्टर 62 के पास छिजारसी गांव में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से शुरू होकर नोएडा के कई सेक्टरों से गुजरता है। एक फ्लाईओवर के जरिए यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। डीपीआर के जरिए फरीदाबाद में FNG का नया एलाइनमेंट तय होगा। यमुना नदी पर लालपुर के पास करीब 650 मीटर लंबा पुल बनाने का प्रस्ताव है, जो FNG परियोजना के लिए बहुत ही जरूरी है।फरीदाबाद के सेक्टर 88 यमुना किनारे तक करीब 9 किमी लंबी सड़क बनाई जाएगी। 650 मीटर के पुल के बाद उत्तर प्रदेश सीम तक भी एक किमी लंबी सड़क बनेगी। यमुना पुल की डीपीआर PWD तैयार करेगा। हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारें मिलकर यमुना पुल का रखरखाव करेंगी। नोएडा अथॉरिटी को भी FNG पर छिजारसी गांव में एलिवेटेड रोड का निर्माण करना है, जिससे FNG सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा और यहां जाम की समस्या खत्म होगी।
