Faridabad: फरीदाबाद में अधिकारियों के लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर वार्डबंदी की मतदाता सूची के साथ करीब एक लाख परिवार पहचान पत्रों का मिलान नहीं हो सका है। जिसकी वजह से अब वार्डबंदी में अधर में लटक गई है। फरीदाबाद नगर निगम इस बार परिवार पहचान पत्र के आधार पर नई वार्डबंदी तैयार कर 21 जनवरी तक मुख्यालय भेजनी थी, लेकिन यह नहीं हो पाया। अब अधिकारी इसे जल्द से जल्द तैयार करने में जुटे हैं। अब इसे फरवरी माह के पहले सप्ताह तक तैयार करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, करीब सवा लाख परिवार पहचान पत्र में कोई न कोई खामी है, जिसकी वजह से इसका मिलान मतदाता पहचान पत्र के साथ नहीं हो पा रहा है। अब ऐसे परिवार पहचान पत्रों की ठीक किया जा रहा है।
बता दें कि, राज्य सरकार ने इस बार नगर निगम की वार्डबंदी परिवार पहचान पत्र के आधार पर करने का निर्देश दिया है। जिसके आधार पर नई वार्डबंदी परिवार पहचान पत्रों के आधार पर की जा रही है। इसमें आशंकित खामियों को दूर करने के लिए फरीदाबाद जिलाधीश द्वारा पुरानी वार्ड कमेटी से भी सुझाव मांगे गए हैं। साथ ही नए सिरे से परिवार पहचान पत्र के आधार पर दोबार से मतदाताओं की संख्या का पता लगाया जा रहा है। जिसमें ये खामियां उभर कर सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन खामियों की वजह से वार्डबंदी और निगम चुनाव में देरी हो सकती है।
