फरीदाबाद

Faridabad Weather Forecast: फरीदाबाद में सर्द हवाओं ने बढ़ाई सिरदर्दी, गलन से ठिठुरे लोग, जानें आज कैसा रहेगा मौसम

Faridabad Weather Forecast: फरीदाबाद में सर्द हवाओं ने एक बार फिर गलन बढ़ा दी है। धूप के बावजूद सर्दी का एहसास हो रहा है। आइये जानते हैं आगे कैसा रहेगा मौसम।

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फरीदाबाद में लौटी सर्द

Photo : BCCL

Faridabad Weather Forecast: फरीदाबाद में बारिश के बाद मौसम सर्द होता जा रहा है। हालांकि, बादलों के छटने से मंगलवार सुबह से ही धूप खिली नजर आ रही है, लेकिन बुधवार को गलन का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, तापमान में कमी दर्ज की जाएगी। हल्की व मध्यम हवाओं के बहने से एक बार फिर शीतलहर बढ़ सकती है। मंगलवार को धूप के बावजूद लोगों को सर्दी सताती रही। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आपको बता दें कि मंगलवार के मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी गई है। यही कारण है कि गलन बढ़ रही है।

2 से 3 दिन में और लुढ़केगा पारा

मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले सप्ताह पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने मौसम में तेजी के साथ तब्दीली देखने को मिली थी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। एक से पांच फरवरी के बीच रुक-रुककर हुई बारिश से ठंड तो कम हुई, लेकिन अब बादलों के छटने से सुबह-शाम हल्का व मध्यम कोहरा छाया नजर आ रहा है। मंगलवार की तरह बुधवार को भी सुबह कहीं-कहीं कोहरे की चादर छाई रही, जिससे वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 2 से 3 दिन में पारा और लुढ़क सकता है, जिससे सर्दी का सितम देखने को मिल सकता है।

हालांकि, सात फरवरी की सुबह से आसमान में सूरज चमक रहा है, जिससे लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत महसूस हो रही है। लोग धूप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। वहीं, हल्की हवाएं बहने से न्यूनतम तापमान में कमी होती जा रही है, जिससे ठिठुरन बढ़ रही है। ऐसी स्थिति फिलहाल, सर्दी से राहत की बड़ी उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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