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अहमदाबाद : जगन्नाथ रथ यात्रा में 2 हाथी बेकाबू, मची भगदड़

गुजरात के अहमदाबाद में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल 2 हाथी अचानक बेकाबू हो गए, जिससे भीड़ में भगदड़ मच गई। हालांकि, अभी किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।

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अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा में हाथी बेकाबू

अहमदाबाद में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल 2 हाथी अचानक बेकाबू हो गए, जिससे भीड़ में भगदड़ मच गई। हालांकि, अभी किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। सामने आये वीडियो में हाथी बीच सड़क पर इधर से उधर भागता नजर आ रहा है और महावत उसे काबू करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हाथी तेजी से भीड़ के बीच से आगे बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, रथ यात्रा में 18 हाथियों का दल शामिल किया गया है, जिसमें से आगे चल रहे 2 हाथी बेकाबू हो गए।

बता दें कि देशभर में प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। वहीं, ओडिशा के पुरी की यात्रा सबसे बड़ी होती है। ओडिशा के पुरी से शुरू हुई यह जगन्नाथ यात्रा गुंडिचा मंदिर तक जाएगी। यह यात्रा 12 दिनों तक चलेगी। इसका समापन 15 जुलाई को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, जब भगवान अपने मूल मंदिर लौटेंगे।

अहमदाबाद में 148वीं रथयात्रा

जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद में भगवान श्री जगन्नाथ की यह 148वीं रथयात्रा है, जो पारंपरिक उल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हो चुकी है। इस खास मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित मंगला आरती में परिवार समेत हिस्सा लिया और महाप्रभु के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रथयात्रा की विधिवत शुरुआत की और पारंपरिक पाहिंद विधि का पालन करते हुए भगवान के रथ के सामने सोने की झाड़ू लगाकर यात्रा का शुभारंभ किया। ये विधि सेवा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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