शहर

दाऊद इब्राहिम के करीबी इकबाल मिर्ची पर ED का बड़ा एक्शन, 700 करोड़ की संपत्ति अटैच

ED ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ये पूरी प्रॉपर्टी नेटवर्क अवैध गतिविधियों से कमाए गए पैसे को ठिकाने लगाने का जरिया था, ED की माने तो मिर्ची परिवार ने सुनियोजित तरीके से पैसे को छिपाने, घुमाने और वैध दिखाने का खेल खेला।

Image

इकबाल मिर्ची पर ED का बड़ा एक्शन

Iqbal Mirchi Assets Attach: अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े मामले में ED ने दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे इकबाल मिर्ची की करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है। ED के मुताबिक, ये संपत्तियां भारत से लेकर दुबई तक फैली हुई है और इन्हें अवैध कमाई से खरीदा गया था। ED की जांच में सामने आया है कि मुंबई के वर्ली इलाके में डॉ. एनी बेसेंट रोड पर स्थित तीन बड़े प्लॉट राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू, इस अटैचमेंट का हिस्सा है।

इन प्रॉपर्टीज का कुल एरिया करीब 4970 वर्ग मीटर बताया जा रहा है। इसके अलावा दुबई में होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट और कॉर्पोरेट बे व DEC टावर्स में मौजूद करीब 14 रियल एस्टेट यूनिट्स भी ED के निशाने पर आई है।

'इन संपत्तियों को सीधे तौर पर इकबाल मिर्ची के नाम पर नहीं रखा गया था'

ED का दावा है कि इन संपत्तियों को सीधे तौर पर इकबाल मिर्ची के नाम पर नहीं रखा गया था। बल्कि ट्रस्ट और परिवार के सदस्यों के नाम पर छिपाया गया था। इनमें मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट के अलावा आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन के नाम शामिल है। ED के मुताबिक, ये सभी सिर्फ फ्रंट के तौर पर इस्तेमाल किए गए.. ताकि असली मालिकाना हक छुपाया जा सके।

सुनियोजित तरीके से पैसे को छिपाने, घुमाने और वैध दिखाने का खेल खेला

ED ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि ये पूरी प्रॉपर्टी नेटवर्क अवैध गतिविधियों से कमाए गए पैसे को ठिकाने लगाने का जरिया था, ED की माने तो मिर्ची परिवार ने सुनियोजित तरीके से पैसे को छिपाने, घुमाने और वैध दिखाने का खेल खेला।

अपराध से कमाए गए पैसे का बड़ा हिस्सा विदेशों में भेज दिया गया

इतना ही नहीं, जांच में ये भी सामने आया है कि इस केस में अपराध से कमाए गए पैसे का बड़ा हिस्सा विदेशों में भेज दिया गया, जिससे उसे जब्त करना मुश्किल हो गया है। ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियां PMLA ₹ के तहत प्रोसीड्स ऑफ क्राइम की श्रेणी में आती है और FEO (फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट) के तहत इन्हें जब्त किया जा सकता है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

और पढ़ें
End of Article