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भारत के दुश्मनों का ‘एंडगेम’: 4 साल में 26 आतंकी खामोश... PAK में कैसे चुन-चुन कर मारे जा रहे; ISI भी नहीं दे पा रही सुरक्षा

पाकिस्तान में बीते कुछ सालों में जिन आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया है,उनमें सबसे लेटेस्ट नाम लश्कर के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी का है। यूसुफ हाफिज सईद का भी करीबी है। पिछली हत्याओं की तरह ही युसुफ को भी मौत के घाट उतारा गया है। ऐसे में यह जानना बेहद अहम है कि हालिया सालों में भारत के कितने मोस्ट वांटेड दुश्मनों को आतंकिस्तान में मौत के घाट उतार दिया गया है। इन आतंकियों को कब और कैसे मारा गया...आइये जानते हैं...

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भारत के दुश्मनों का ‘एंडगेम’: 4 साल में 26 आतंकी खामोश... PAK में कैसे चुन-चुन कर मारे जा रहे; ISI भी नहीं दे पा रही सुरक्षा
Edited by: Shiv Shukla
Updated Apr 27, 2026, 00:12 IST
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पाकिस्तान एक ओर तो दुनिया में शांतिदूत होने का ढ़ोंग रचता फिर रहा है और दूसरी ओर अपनी धरती पर आतंकियों को पनाह भी दे रहा है, इसकी बानगी इसी से मिलती है कि आज लश्कर ए तैयबा के कुख्यात आतंकी हाफिज सईद का करीबी और लश्कर का बड़ा कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद अगर पिछले दो-तीन सालों के पन्ने पलटें तो पाएंगे कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का संरक्षण भी आतंकियों को मौत से बचा नहीं पा रहा है। 2022 से करीब 26 आतंकियों को नर्क पहुंचाया जा चुका है।पाकिस्तान में एक के बाद एक आतंकियों की रहस्यमयी हत्याओं से आतंक के आका भी खौफ में आ गए हैं।

पाकिस्तान में बीते कुछ सालों में जिन आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया है,उनमें सबसे लेटेस्ट नाम लश्कर के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी का है। यूसुफ हाफिज सईद का भी करीबी है। पिछली हत्याओं की तरह ही युसुफ को भी मौत के घाट उतारा गया है। ऐसे में यह जानना बेहद अहम है कि हालिया सालों में भारत के कितने मोस्ट वांटेड दुश्मनों को आतंकिस्तान में मौत के घाट उतार दिया गया है। इन आतंकियों को कब और कैसे मारा गया...आइये जानते हैं...

2026

  • 16 अप्रैल 2026
हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में से एक आतंकवादी आमिर हमजा को लाहौर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी। फिलहाल आतंकी हमजा की हालत गंभीर बनी हुई है।आमिर हमजा ने आतंकवादी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। उसका नाम कई आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा है, जिनमें भारत में हुए कई हमले भी शामिल हैं।
  • 30-31 मार्च 2026
बीते महीने की आखिरी तारीख को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की पाकिस्तान में मौत हो गई थी, हालांकि उनकी मौत की वजह अभी तक साफ नहीं है। वह जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर मेंबर्स में शामिल था। इसके अलावा, कहा जाता है कि वह मसूद अजहर का राइट हैंड और चीफ सलाहकार माना जाता था।
  • 21 मार्च 2026
इसी साल मार्च में ही लश्कर ए तैयबा के गढ़ मुरीदके में खूंखार कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी की हत्या कर दी गई थी। सलाफी लश्कर के मरकज से ईद की नमाज के बाद बाहर निकल रहा था। तभी उसे पहले चाकुओं से गोद दिया गया, फिर उसे गोली मार दी गई।
  • 30 अप्रैल 2025
बीते साल इसी महीने की आखिरी तारीख को पाकिस्तान में कारी एजाज आबिद को मौत के घाट उतार दिया गया था। खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय राजधानी पेशावर में 'अज्ञात लोगों'ने गोली मारकर हत्या कर दी गई। आबिद प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का करीबी सहयोगी और रिश्तेदार था। कारी एजाज आबिद अहले-ए-सुन्नत वल जमात (एएसडब्ल्यूजे) का हिस्सा था और इंटरनेशनल खतम-ए-नबुवत का प्रांतीय प्रमुख था।
  • 31 मार्च 2025
कराची में लश्कर से जुड़े और फंड जुटाने वाले अब्दुल रहमान की अज्ञात हमलावरों ने हत्या की।
  • 16 मार्च 2025
पाकिस्तान के क्वेटा में मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह इस्लामिक स्कॉलर और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम का नेता था। नूरजई को क्वेटा हवाई अड्डे के नजदीक गोलियां मारी गईं थी।
  • 15 मार्च 2025
लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख आतंकवादी और इसके सबसे वांटेड आतंकवादियों में से एक फैजल नदीम उर्फ अबू कताल की हत्या कर दी गई थी। कताल को भी सेट पैटर्न को फॉलो करते हुए झेलम सिंध में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था। वह 2023 के राजौरी हमले और 2024 के रियासी बस हमले के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में अन्य घातक हमलों में शामिल था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और भारतीय सेना सहित भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे वांटेड आतंकियों में से एक था।
  • 7 मार्च, 2025
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई) के आतंकवादी मुफ्ती शाह मीत की पाकिस्तान के तुरबत में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
  • 17 फरवरी, 2025
एलईटी के पॉलिटिकल विंग के प्रमुख मौलाना काशिफ अली की गोली मारकर हत्या।
  • 22 जनवरी 2025
जैश ए मोहम्मद और विश्विद्यालय ए तैयबा के लॉन्च पैड कमांडर फारुख की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या ।

2024

  • मार्च 2024
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के सचिव और आतंकी कमांडर शेख जमील-उर-रहमान मरा हुआ मिला था। उसे किसने मारा यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। भारत ने उसे अक्तूबर 2022 में आतंकी घोषित किया था।
  • 15 अप्रैल 2024
अमीर सरफराज तांबा को गोलियों से भून डाला गया था। पाकिस्तान के लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने इसे अंजाम दिया था। अमीर सरफराज तांबा लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के बेहद करीबियों में शामिल था। उस पर पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की हत्या करने का आरोप था।

2023

  • हंजला अदनान
6 दिसंबर 2023 को कराची में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हंजला अदनान को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। वह 2016 में सीआरपीएफ काफिले पर हमले की साजिश में शामिल था और हाफिज सईद का करीबी माना जाता था।
  • मोहम्मद मुजम्मिल
14 नवंबर 2023 को सियालकोट में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मोहम्मद मुजम्मिल को अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून डाला। वह अपने सहयोगी नईम-उर-रहमान के साथ कार में पसरूर इलाके में मौजूद था। खोखरण चौक के पास बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोककर दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
  • तारिक रहीम
12 नवंबर 2023 को जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मौलाना तारिक रहीम उल्लाह को कराची में गोली मार दी गई। वह मसूद अजहर का करीबी माना जाता था और भारत के खिलाफ गतिविधियों में सक्रिय था। घटना के वक्त वह एक सभा को संबोधित करने जा रहा था, तभी हमलावरों ने उसे निशाना बना लिया।
  • अकरम खान
9 नवंबर 2023 को बाजौर में अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। वह भारत में वांछित था और 2018 से 2020 के बीच लश्कर के भर्ती नेटवर्क का नेतृत्व कर चुका था। पाकिस्तान में वह अपने भड़काऊ भारत विरोधी भाषणों के कारण भी चर्चित था।
  • ख्वाजा शाहिद
5 नवंबर 2023 को पीओके में ख्वाजा शाहिद का शव उसके घर में मिला। उसकी लाश सिर कटी हालत में बरामद हुई थी। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले उसका अपहरण किया गया था। वह 2018 में जम्मू स्थित सेना कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड था।
  • मोहम्मद सलीम
23 अक्तूबर 2023 को दाऊद इब्राहिम से जुड़े मोहम्मद सलीम की कराची में हत्या कर दी गई। हमलावरों ने हत्या के बाद उसका शव ल्यारी नदी में फेंक दिया। बाद में पुलिस ने नदी से उसका शव बरामद किया।
  • दाऊद मलिक
20 अक्तूबर 2023 को उत्तरी वजीरिस्तान में दाऊद मलिक मारा गया, जो मसूद अजहर का करीबी बताया जाता था। वह जैश-ए-मोहम्मद के अलावा लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-ए-जांगवी जैसे संगठनों से भी जुड़ा हुआ था।
  • मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज
11 अक्तूबर 2023 को बलूचिस्तान के केच इलाके में आईएसआई से जुड़े एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस पर आरोप था कि उसने कुलभूषण जाधव के अपहरण में भूमिका निभाई थी।
  • शाहिद लतीफ
11 अक्तूबर 2023 को सियालकोट में पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की मस्जिद के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह भारत में सजा काट चुका था और 2010 में रिहा होने के बाद पाकिस्तान भेजा गया था।
  • अबु कासिम
8 सितंबर 2023 को पीओके में एक मस्जिद के अंदर अबु कासिम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह हाफिज सईद का करीबी था और राजौरी के ढांगरी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
  • सरदार हुसैन
1 अगस्त 2023 को कराची में सरदार हुसैन अरेन की हत्या कर दी गई। वह जमात-उद-दावा और लश्कर से जुड़ा हुआ था और मदरसा नेटवर्क संचालित करता था। हमले की जिम्मेदारी सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी ने ली थी।
  • सैयद नूर शालोबर
4 मार्च 2023 को खैबर पख्तूनख्वा में सैयद नूर शालोबर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। वह भारत की वांछित सूची में शामिल था और कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के साथ नए आतंकियों को प्रशिक्षण देता था।
  • खालिद रजा
28 फरवरी 2023 को कराची में अल-बद्र के पूर्व कमांडर खालिद रजा की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कश्मीर में सक्रिय रहा था और बाद में पाकिस्तान में रहकर भर्ती अभियान चला रहा था।
  • बशीर अहमद पीर
20 फरवरी 2023 को रावलपिंडी में हिजबुल मुजाहिद्दीन के वरिष्ठ कमांडर बशीर अहमद पीर को गोली मार दी गई। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा था और विभिन्न संगठनों के लिए समर्थन जुटाने का काम करता था।
  • परमजीत सिंह पंजवड़
6 मई 2023 को पाकिस्तान के लाहौर में खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह लंबे समय से पाकिस्तान में छिपकर रह रहा था और वहीं से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
  • एजाज अहमद अहंगर
एजाज अहमद अहंगर को 22 फरवरी, 2023 को अफगानिस्तान के काबुल में मार दिया गया था। उसकी भी अनजान हमलावरों ने हत्या कर दी थी। उसे आतंक की किताब कहा जाता था
  • सैयद खालिद रजा
26 फरवरी, 2023 को पाकिस्तान में सैयद खालिद रजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रजा अल बद्र का पूर्व कमांडर था, जो आतंकियों को ट्रेंड कराता था

2022 में मिस्त्री जहूर इब्राहिम

जहूर मिस्त्री जो 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को हाईजैक करने वाले पांच हाईजैकर्स में से एक था और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य था। 1 मार्च, 2022 को कराची में कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने बहुत करीब से गोली चलाई और फिर वहां से फरार हो गए।

पाकिस्तान में कौन बना 'धुरंधर' जो आतंकियों को सुला रहा मौत की नींद

पाकिस्तान में लगातार हो रही टारगेटेड हत्याओं ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, आखिर भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों को कौन निशाना बना रहा है? केंद्रीय एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, बीते कुछ समय में कई बड़े आतंकी और उनके सहयोगी अज्ञात हमलावरों के हाथों मारे गए हैं। ज्यादातर घटनाओं में हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आते हैं और अपने निशाने को बेहद करीब से गोली मारकर मौके से फरार हो जाते हैं। हर हमले में एक जैसा पैटर्न भी देखने को मिला है जैसे अचानक हमला, प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से फायरिंग और फिर तेजी से फरार हो जाना। इन अज्ञात 'धुरधंरों' के निशाने पर आमतौर पर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे भारत विरोधी संगठनों से जुड़े लोग रहते हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई आतंकी जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में हुए हमलों में वांछित रहे हैं। हमलावर भीड़भाड़ वाले इलाकों या खुले स्थानों पर वारदात को अंजाम देते हैं, जिससे उनकी पहचान करना और पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है।

आईएसआई का संरक्षण भी नहीं बचा पा रहा

सूत्र बताते हैं कि आईएसआई इन आतंकियों को सुरक्षा देने की कोशिश कर रही है, इसके बावजूद वे हमलों का शिकार हो रहे हैं। बीते सालों में लगातार जैश-ए-मोहम्मद,डी-कंपनी,लश्कर-ए-तैयबा,लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-ए-जांगवी जैसे संगठनों से जुड़े लोगों की हत्या की खबरें सामने आई हैं। पाकिस्तान ने इन हत्याओं को लेकर कई बार भारत की खुफिया एजेंसी रॉ पर आरोप लगाए हैं, लेकिन कभी इसकी पुष्टि नहीं हुई वहीं पाकिस्तान पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई संभावनाएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों की एक राय यह है कि आईएसआई 'यूज एंड थ्रो'नीति के तहत ऐसे आतंकियों को खत्म करवा रही हो जो अब उसके काम के नहीं रहे। वहीं,आतंकी संगठनों के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई भी इन हत्याओं की वजह हो सकती है।

विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि आतंकवाद से जुड़ी छवि के कारण पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना रहता है। ऐसे में यह भी संभव है कि अपनी छवि सुधारने या दबाव कम करने के लिए कुछ कार्रवाइयां भीतर ही भीतर की जा रही हों।

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