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दिल्ली में फिर मानसून मेहरबान, आज दिनभर भारी बारिश का अलर्ट; 26 जुलाई तक झमाझम

दिल्ली का मौसम (दिल्ली में आज का मौसम कैसा रहेगा) 21 July 2026: दिल्ली-NCR में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार तड़के से राजधानी में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।

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दिल्ली में 26 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

दिल्ली में आज का मौसम (21 July 2026): दिल्ली-NCR में मानसून एक बार फिर मेहरबान हो गया है। सोमवार को रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद मंगलवार तड़के भी राजधानी में बरसात देखने को मिली। मौसम में हुए इस बड़े बदलाव के कारण दिल्लीवासियों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि कुछ जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को परेशानी भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 26 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।

आज कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आज रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला दिनभर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने पूरे दिन के लिए अलर्ट जारी किया है। सुबह से दोपहर तक राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। शाम तक बारिश हल्की हो सकती है, लेकिन दिनभर मौसम खराब बना रहेगा। दिल्ली और आसपास के इलाकों में 10 जुलाई की जोरदार बारिश के बाद पिछले कुछ दिनों से बरसात थम सी गई थी। सिर्फ कुछ जगहों पर हल्की छिटपुट बौछारें ही गिर रही थीं, लेकिन सोमवार रात हुई बारिश और अब बन रहे नए सिस्टम से उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है।

22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 21 जुलाई की देर रात से 22 जुलाई की सुबह के बीच दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। बुधवार को भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बीच-बीच में हवाओं की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है

बारिश बढ़ने की क्या है वजह?

  • पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): उत्तरी पहाड़ों पर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है।
  • चक्रवाती हवाएं (Cyclonic Circulations): राजस्थान सीमा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
  • बंगाल की खाड़ी से नमी: हवाओं का रुख बदलकर पूर्वी हो गया है, जो बंगाल की खाड़ी से भरपूर नमी लेकर दिल्ली-एनसीआर की ओर आ रही हैं।
  • मानसूनी ट्रफ: मानसून की मुख्य रेखा (Monsoon Trough) खिसककर इस वक्त दिल्ली के करीब से गुजर रही है।

26 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में 20 से 26 जुलाई के बीच लगभग हर दिन बारिश के एक या दो दौर देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और धूप कम निकलेगी। इससे मौसम भी सुहावना रहने का अनुमान है। ऐसे में दिन का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका

राजधानी में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी देने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।

जुलाई में बारिश का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद

जुलाई माह में अब तक दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में 138.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस महीने का सामान्य औसत 195.8 मिमी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से यह कमी पूरी हो सकती है। अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है, तो इस बार भी जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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