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अभी प्यासी रहेगी दिल्ली, 4 फरवरी तक पानी की भारी किल्लत; जानें किन इलाकों में पड़ेगा असर

दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक पानी की सप्लाई प्रभावित रहने की आशंका है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने चेतावनी दी है कि यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने और हरियाणा से कच्चे पानी की कम आपूर्ति के कारण शहर के पांच बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स की उत्पादन क्षमता घट गई है, जिससे 4 फरवरी तक दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं किन इलाकों में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने वाला है।

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4 फरवरी तक दिल्ली के कई इलाकों पानी की होगी किल्लत

Photo : Times Now Digital

Delhi Water Supply News: राजधानी दिल्ली के घरों में अगले कुछ दिनों तक नलों से पानी की धार कम रहने वाली है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने चेतावनी दी है कि यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने और हरियाणा से कच्चे पानी की कम आपूर्ति के कारण शहर के कम से कम पांच बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स (WTP) में उत्पादन काफी घट गया है। यह समस्या 4 फरवरी तक बनी रह सकती है, जिससे दिल्ली के लाखों लोगों की दिनचर्या प्रभावित होगी।

क्यों रुक गई पानी की रफ्तार?

हर साल सर्दियों के मौसम में यमुना में प्रदूषण का स्तर 1 ppm से ऊपर चला जाता है, जिसे साफ करना सामान्य ट्रीटमेंट प्लांट्स के बस की बात नहीं होती। इस बार भी अमोनिया के खतरनाक स्तर और मुनक नहर से पानी की कम आवक ने संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जिसकी क्षमता 138 मिलियन गैलन प्रतिदिन है, उसे पूरी तरह से बंद करना पड़ा है।

किन इलाकों में होगी समस्या

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों के अनुसार हैदरपुर (फेज 1 और 2), बवाना और द्वारका वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स केवल 75 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहे हैं, जिसका सीधा असर राजधानी के कई इलाकों पर पड़ेगा। प्रभावित क्षेत्रों में ये इलाके शामिल हैं-

  • द्वारका
  • आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट
  • शालीमार बाग
  • सुल्तानपुरी
  • राजा गार्डन
  • राजौरी गार्डन
  • कराला
  • बवाना
  • प्रशांत विहार
  • मधु विहार
  • मंगोलपुरी
  • पश्चिम विहार
  • मायापुरी
  • जनकपुरी

जल बोर्ड की सलाह

अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में मुनक नहर के साफ पानी को प्रदूषित यमुना जल के साथ मिलाकर स्थिति सुधारने की कोशिश की जा रही है। जल बोर्ड ने लोगों से पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि हरियाणा से वैकल्पिक रूप से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण और सीमित संसाधनों के चलते स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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