भीषण गर्मी के बीच सोमवार को दिल्ली में बिजली की मांग अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 8,748 मेगावाट पर पहुंच गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले बिजली की सर्वाधिक मांग 19 जून, 2024 को 8,656 मेगावाट दर्ज की गई थी।दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'आज दिल्ली ने 8,748 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया और पिछले सभी रिकॉर्ड को लगभग 100 मेगावाट से तोड़ दिया।'
सूद ने कहा कि वितरण नेटवर्क पर अभूतपूर्व भार के बावजूद कोई बड़ी खराबी या ढांचागत विफलता नहीं हुई, जिसका श्रेय दिल्ली सरकार के सक्रिय 'विद्युत मास्टर प्लान' के सुचारू क्रियान्वयन को जाता है।' टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड' (टीपीडीडीएल) के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने 2,497 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को 'सफलतापूर्वक' पूरा किया। यह मांग अपराह्न 3:15 बजे से 3:30 बजे के बीच दर्ज की गई और कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की।
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बिजली की सबसे ज़्यादा मांग अपराह्न 3:17 बजे 8,748 मेगावाट दर्ज
राज्य भार वितरण केंद्र के आंकडों के अनुसार, दिल्ली में बिजली की सबसे ज़्यादा मांग अपराह्न 3:17 बजे 8,748 मेगावाट दर्ज की गई, जो शहर के लिए अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
दिल्ली में कई जगहों पर उष्णलहर जैसी स्थिति देखी गई
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि बीएसईएस डिस्कॉम ने अपने इलाकों में बिजली की सर्वाधिक मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया; जिसमें बीआरपीएल ने 3,906 मेगावाट और बीवाईपीएल ने 1,876 मेगावाट का भार पूरा किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली में कई जगहों पर उष्णलहर जैसी स्थिति देखी गई है और इस तरह की स्थिति का यह दूसरा दिन है।
