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गणतंत्र दिवस पर दिल्ली पुलिस का सुरक्षा अलर्ट, अल कायदा के आतंकवादी का पोस्टर जारी

सुरक्षा में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए इसके लिए दिल्ली पुलिस आधुनिक तकनीक का सहारा भी ले रही है। गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत दिल्ली पुलिस एकीकृत चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) से लैस ‘स्मार्ट चश्मे’ का उपयोग करेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस ये उपकरण अपराधियों और संदिग्धों के पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे।

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दिल्ली पुलिस ने जारी किया आतंकियों का पोस्टर।

Photo : ANI

Terrorist poster in Delhi: दिल्ली में इस साल आयोजित होने जा रहे गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। उसने लोगों को अलर्ट करते हुए पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में भारतीय उपमहाद्वीप वाले अल कायदा के आतंकवादी का तस्वीर जारी की है। इस आतंकवादी का नाम मोहम्मद रहमान बताया गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक मोहम्मद रहमान एक वांछित आतंकवादी है। इसे खुफिया एजेंसियां भी तलाश रही हैं। बता दें कि देश 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इसके लिए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए है।

आधुनिक तकनीक से सुरक्षा हुई मजबूत

सुरक्षा में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए इसके लिए दिल्ली पुलिस आधुनिक तकनीक का सहारा भी ले रही है। गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत दिल्ली पुलिस एकीकृत चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) से लैस ‘स्मार्ट चश्मे’ का उपयोग करेगी। एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस ये उपकरण अपराधियों और संदिग्धों के पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे, जिससे जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को उनकी तुरंत पहचान करने में मदद मिलेगी।

चेहरों को स्कैन करेगा स्मार्ट चश्मा

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘ये (स्मार्ट) चश्मे भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेहरों को स्कैन कर सकते हैं और कुछ ही सेकंड में, केंद्रीय डेटाबेस में संग्रहीत रिकॉर्ड से उनका मिलान कर सकते हैं। मिलान हो जाने पर, प्रणाली इसे पहनने वाले को अलर्ट करता है, जिससे सार्वजनिक आवागमन को बाधित किए बिना तत्काल सत्यापन और कार्रवाई की जा सकती है।’’

संदिग्ध व्यक्ति की होगी पहचान

यह प्रौद्योगिकी मौके पर अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने में काफी मददगार साबित होगी और सामान्य तरीके से की जाने वाली जांच पर निर्भरता कम करेगी। यह पहल एक व्यापक प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा योजना का हिस्सा है जिसमें व्यापक सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन निगरानी, चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर का एकीकरण तथा कार्यक्रम के आयोजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और संदिग्ध व्यवहार का पता लगाने के लिए एआई-आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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