दिल्ली

DERC मुद्दे पर तनातनी, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, केंद्र-दिल्ली सरकार के बीच मतभेद दुर्भाग्यपूर्ण

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Dec 6, 2022, 07:01 AM IST

डीईआरसी में चेयपर्सन और सदस्यों के रिटायरमेंट के संबंध में एलजी के रुख के खिलाफ दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली सरकार से हाईकोर्ट में अपील की सलाह दी।

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डीईआरसी मुद्दे पर आप सरकार की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

दिल्ली सरकार और लेफ्टिनेंट गवर्नर के बीच तनातनी कोई नई बात नहीं है। दिल्ली सरकार का आरोप रहा है कि एलजी की दफ्तर से जो सहयोग मिलना चाहिए वो नहीं मिल रहा है। ताजा मामला डीईआरसी के चेयरपर्सन और मेंबर्स की रिटायरमेंट एज से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार ने इस संबंध में एलजी दफ्तर से देरी के खिलाफ अपील दायर की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए टिप्पणी भी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच तनातनी दुर्भाग्यपूर्ण है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा जो चीज सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है वो ये है कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तकरार बरकरार है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हाईकोर्ट के कामकाज में इस विषय पर उच्चतम अदालत हस्तक्षेप करे। जस्टिस संजय कौल और ए एस ओका की बेंच ने कहा कि दिल्ली सरकार के लिए बेहतर होगा कि वो दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करे। आप सरकार का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बिल में मौजूदा 65 साल की उम्र को बढ़ाकर 70 साल करने का प्रावधान है। लेकिन एलजी दफ्तर ने बिल को रोक रखा है। शीर्ष अदालत की खंडपीठ ने सिंघवी से पूछा कि अनुच्छेद 32 (जनहित याचिका) के तहत याचिका क्यों? आप उच्च न्यायालय में जाकर वहां बहस क्यों नहीं कर सकते? आप दोनों (दिल्ली सरकार और केंद्र) के बीच यह लड़ाई हर छोटी-छोटी बात के लिए जारी है। तो, क्या सब कुछ इस अदालत में आएगा? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि याचिका में जनहित का तत्व है। हमने मोटे तौर पर आंध्र प्रदेश के कानून का अनुकरण किया है। वहां आंध्र प्रदेश को 14 दिन में अनुमति दे दी गई थी, लेकिन यहां यह सात माह से लंबित है। राजनीतिक कारणों से यह मौलिक रूप से विलंबित है।न्यायाधीशों ने कहा कि आप क्षमा करें, हम एक गलत मिसाल कायम नहीं करना चाहते। आप उच्च न्यायालय जाएं।

डीईआरसी में क्या है प्रावधान

मार्च में, दिल्ली सरकार ने दिल्ली विद्युत सुधार (संशोधन) विधेयक, 2022 पारित किया, जिसमें डीईआरसी के सदस्यों और अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तय किया गया। मौजूदा शासन के तहत, अध्यक्ष और सदस्य पांच साल की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु तक पहुंचने तक पद धारण कर सकते हैं। एक अध्यक्ष के अलावा, डीईआरसी में दो सदस्य हो सकते हैं।

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ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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