Power Theft in Delhi: दिल्ली के रोहिणी इलाके में बिजली चोरी के दो मामलों में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक मामले में आरोपी को तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है और दोनों ही केस में आरोपियों पर करीब 14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरोपियों पर ई-रिक्शा चार्ज करने और घरेलू कामों के लिए बिना इजाजत बिजली इस्तेमाल करने का आरोप था। कोर्ट ने साफ किया है कि बिजली चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए बिजली चोरी
राजधानी में बिजली चोरी का पहला मामला 31 जुलाई 2018 का है, जब टाटा पावर-DDL की टीम ने शालीमार बाग में बलराम नामक व्यक्ति के व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर छापा मारा। यहां ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए 18.045 किलोवाट का अनधिकृत कनेक्शन पाया गया। अदालत ने बलराम पर 13, 56, 945 रुपये की देनदारी तय की।
बिजली चोरी के दूसरे मामले में मंगोलपुरी का मुकेश कुमार दोषी पाया गया है। जिसे 21 फरवरी 2017 को घरेलू उपभोग और ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए बिजली चोरी करते पकड़ा गया। उसने अपनी मां के नाम पर मीटर पंजीकृत करवाकर चोरी को छिपाने का प्रयास किया। अदालत ने उसे तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई और 13,78,702 रुपये का जुर्माना लगाया। यह फैसला बिजली चोरी को लेकर कोर्ट की सख्ती और जागरूकता का उदाहरण है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
