दिल्ली

दिल्ली सरकार ने डमी स्कूलिंग पर कसी नकेल, 10 स्कूलों को नोटिस जारी किया; मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

दिल्ली में मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर सीएम रेखा गुप्ता निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिया था। जिसके बाद सरकार ने डमी स्कूलिंग पर नकेल कसी। यह मामला मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित जन संवाद के दौरान प्रकाश में आया, जहां चिंतित अभिभावकों ने इस मामले को उनके संज्ञान में लाया।

Image

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता। (फाइल फोटो)

Delhi Govt Cracks Down on Dummy Schooling: दिल्ली सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की देखरेख में कई स्कूलों में निरीक्षण अभियान शुरू किया है, जिसमें 10 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं और मानदंडों का गंभीर उल्लंघन करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

डमी स्कूलिंग पर दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने कसी नकेल

निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ वरिष्ठ शिक्षाविद और शिक्षा निदेशालय के अधिकारी भी थे। यह कार्रवाई डमी स्कूलिंग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों की उपेक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच की गई है। डमी स्कूलिंग से तात्पर्य उस प्रथा से है, जिसमें छात्रों का नामांकन कागजों पर तो होता है, लेकिन वे अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कक्षाओं में उपस्थित नहीं होते।

सीएम आवास पर आयोजित जन संवाद के दौरान आया था मामला

यह कार्रवाई कथित तौर पर ऐसे कार्यों में लिप्त कम से कम 20 स्कूलों की पहचान के बाद की गई है। यह घटनाक्रम दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देने के एक दिन बाद हुआ है।

यह मामला उनके आवास पर आयोजित जन संवाद के दौरान प्रकाश में आया, जहां चिंतित अभिभावकों ने इस मामले को उनके संज्ञान में लाया। ऐसी ही एक घटना मॉडल टाउन के क्वीन मैरी स्कूल से जुड़ी थी। इस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को ऐसे स्कूलों की पहचान कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

दिल्ली की सीएम ने छात्रों और अभिभावकों से क्या कुछ कहा?

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, 'किसी भी स्कूल द्वारा अभिभावकों या छात्रों को मानसिक रूप से परेशान करना, उन्हें निकालने की धमकी देना या उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना फीस बढ़ाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।' उन्होंने फिर से पुष्टि की कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिले।

उन्होंने कहा, 'कुछ स्कूलों के बच्चों के अभिभावक लगातार मुझसे मिल रहे हैं और अपनी समस्याएं बता रहे हैं। इसके लिए नियम और कानून हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। अगर कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। हमने उन सभी स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं, जिनके खिलाफ हमें शिकायतें मिल रही हैं।'

सीएम गुप्ता ने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषी संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article