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अब दिल्ली में महिलाएं भी कर सकेंगी नाइट शिफ्ट, सरकार ने जारी की नई अधिसूचना; संस्थानों में बनेगी ICC कमेटी

दिल्ली सरकार ने महिला कर्मचारियों को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने संबंधी अधिसूचना जारी की है, जिसमें उनकी लिखित सहमति को अनिवार्य बनाया गया है। यह निर्णय दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 के तहत लिया गया है, जिसमें ओवरटाइम वेतन, कार्य घंटे और सुरक्षा उपायों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक शिकायत समिति का गठन भी अनिवार्य किया गया है।

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दिल्ली सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की दी अनुमति (AI Image)

Delhi Night Shift Rules for Women 2025: दिल्ली सरकार ने गुरुवार को एक नई अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत अब महिला कर्मचारी दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में रात की शिफ्ट में काम कर सकती हैं, बशर्ते वे इसके लिए अपनी लिखित सहमति दें। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत उठाया गया है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को ओवरटाइम के लिए दोगुना वेतन मिलेगा और वे सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक काम करने के लिए अधिकृत होंगे। साथ ही, सभी संस्थानों को आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना अनिवार्य होगा ताकि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों का निवारण सुनिश्चित किया जा सके।

उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने वर्ष की शुरुआत में एक प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी, जिसमें दुकानों और अन्य व्यवसायिक संस्थानों में महिला कर्मचारियों को रात की शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति देने की बात कही गई थी। इसके बाद, दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 के तहत महिलाओं के रोजगार और उनकी सेवा शर्तों से संबंधित दो नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इस अधिसूचना के अनुसार, महिला कर्मचारियों को रात की पाली में काम करने की इजाजत दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए उनकी लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से एक दिन में नौ घंटे से अधिक (जिसमें भोजन और विश्राम का समय शामिल है) या सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता।

सुरक्षा, संरक्षा और परिवहन की व्यवस्था

अधिसूचना के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी से ओवरटाइम या रात की शिफ्ट में कार्य कराया जाता है, तो नियोक्ता को उसकी सुरक्षा, संरक्षा और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसके अतिरिक्त यह भी निर्धारित किया गया है कि किसी कर्मचारी से एक दिन में अधिकतम पांच घंटे तक ही अतिरिक्त कार्य कराया जा सकता है। इस अधिसूचना में यह भी उल्लेख है कि योग्य कर्मचारियों को दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 की धारा 8 के अंतर्गत ओवरटाइम के लिए सामान्य वेतन की दोगुनी दर से भुगतान किया जाएगा। यदि कार्य शिफ्टों में विभाजित किया गया हो, तो यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि किसी भी कर्मचारी को केवल रात की शिफ्ट में कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए।

आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य

जारी अधिसूचना के अनुसार, जो नियोक्ता महिला कर्मचारियों को नियुक्त करते हैं, उन्हें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना आवश्यक होगा ताकि कार्यस्थल की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। रिकॉर्ड की गई वीडियो फुटेज को कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखना होगा और आवश्यकता पड़ने पर मुख्य निरीक्षक को उपलब्ध कराना होगा। साथ ही, अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों को अधिसूचित राष्ट्रीय छुट्टियों पर काम करने के बदले प्रतिपूरक अवकाश दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें साप्ताहिक अवकाश, न्यूनतम वेतन, भविष्य निधि, बीमा और बोनस जैसे सभी वैधानिक लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।

(इनपुट - भाषा)

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Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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