दिल्ली

दिल्ली की सड़कों पर उतरे दिल्ली के मंत्री और CM आतिशी, जानिए क्या है असल प्लान

Delhi CM Atishi Inspects the Condition of Roads: दिल्ली की सीएम आतिशी और उनके मंत्रियों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाके में सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि सड़कों की हालत बहुत खराब है, हम दिवाली तक दिल्ली के लोगों को गड्ढों से मुक्त सड़कें देने की कोशिश करेंगे।

Image

आतिशी।

Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली के ओखला इलाके में सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया। सीएम आतिशी ने कहा, 'दो दिनों तक अरविंद केजरीवाल और मैंने दिल्ली की सड़कों का निरीक्षण किया और पाया कि सड़कों की हालत बहुत खराब है। अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के सभी विधायकों और मंत्रियों से आह्वान किया है कि वे जल्द से जल्द दिल्ली की सड़कों को दुरुस्त करने की दिशा में काम करें।'

दिल्ली के लोगों को गड्ढों से मुक्त सड़कें देने का वादा

आतिशी ने कहा कि मैंने दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की सड़कों की जिम्मेदारी संभाली है। सौरभ भारद्वाज पूर्वी दिल्ली की सड़कों के निरीक्षण के लिए जिम्मेदार हैं, गोपाल राय उत्तर-पूर्वी दिल्ली की सड़कों का निरीक्षण करेंगे, इमरान हुसैन मध्य और नई दिल्ली जिलों की सड़कों का निरीक्षण करेंगे, कैलाश गहलोत दक्षिण-पश्चिम और बाहरी दिल्ली की जिम्मेदारी संभालेंगे, और मुकेश सहरावत उत्तर-पश्चिम दिल्ली की जिम्मेदारी संभालेंगे। अगले 3-4 महीनों में सभी सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी। हम दिवाली तक दिल्ली के लोगों को गड्ढों से मुक्त सड़कें देने की कोशिश करेंगे।'

सिसोदिया के साथ सड़क पर उतरे सौरभ भारद्वाज

इसके साथ ही दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज और आप विधायक मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया। दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'इस साल लंबे मानसून के कारण दिल्ली की कई सड़कें खराब हो गई थीं गड्ढे हो गए थे और सड़कें टूट गई थीं। हम युद्धस्तर पर सभी सड़कों का जीर्णोद्धार और जीर्णोद्धार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैंने और मनीष सिसोदिया ने पटपड़गंज और गणेश नगर में पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निरीक्षण किया है।'

गोपाल राय ने किया सड़कों की स्थिति का निरीक्षण

वहीं दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के बाबरपुर इलाके में सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया। उनका कहना है, 'दिल्ली में बारिश के बाद सड़कों पर हर जगह गड्ढे हो गए हैं। जब से अरविंद केजरीवाल को जेल में डाला है, दिल्ली की सड़कों की हालत और खराब हो गई है। हमने खुद तय किया है कि हम सड़कों का निरीक्षण करेंगे और जल्द से जल्द उनकी मरम्मत करवाएंगे।'

दिल्ली की सियासत में इन दिनों सड़कों का मुद्दा बड़ा बन गया है। सीएम की कुर्सी संभालते ही आतिशी फुल ऑन एक्शन मोड में नजर आ रही हैं।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!