Delhi: दिल्ली दंगे 2020 को लेकर अदालत ने दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी से 26 फरवरी 2020 के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में 53 लोग मारे गए थे और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में कथित भूमिका के लिए कपिल मिश्रा की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। लेकिन कोर्ट ने आज कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने आदेश में कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्रियों के आधार पर पता चलता है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों में कपिल मिश्रा की मौजूदगी कर्दमपुरी इलाके में थी। इस मामले में जांच की आवश्यकता है। अडिशनल चीक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने कहा कि 'यह साफ है कि वह कथित अपराध के समय इलाके में मौजूद थे। इसलिए आगे की जांच आवश्यक है।'
बता दें कि इस मामले के शिकायतकर्ता यमुना विहार के निवासी मोहम्मद इलियास है, जिन्होंने दयालपुर के तत्कालीन एसएचओ मिश्रा और भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट, पूर्वी भाजपा विधायक जगदीश प्रधान और सतपाल सांसद सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के बाद आज कोर्ट ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिए हैं।
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