कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने एलजी वी के सक्सेना से खास मांग की है। उन्होंने कहा कि एफबीयू मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ केस चलाने की वो अनुमति दें। बता दें कि इस तरह के आरोप लगे हैं कि जब एसीबी को दिल्ली सरकार के दायरे से बाहर कर दिया गया था तो आप सरकार ने विभागों में कामकाज खासतौर पर भ्रष्टाचार के मामलों में नजर रखने के लिए एफबीयू का गठन किया था। लेकिन हकीकत में उस यूनिट की वजह से विपक्षी नेताओं की जासूसी की जा रही थी।
एफबीयू पर कांग्रेस हमलावर
पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीबीआई को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की औपचारिक रूप से जांच करने की अनुमति दी थी, जब उन्होंने शराब आबकारी नीति मामले में इस सप्ताह अपनी गिरफ्तारी के बाद पद छोड़ दिया था।सीबीआई का दावा है कि सिसोदिया ने आप के प्रतिद्वंद्वियों पर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए कथित फीडबैक यूनिट का नेतृत्व किया, उलझे हुए राजनेता को 'कायर' कहा। आप के बढ़ने से हमारे खिलाफ कई और मामले दर्ज किए जाएंगे।
'फीडबैक यूनिट' स्नूपिंग
2015 में AAP ने एक 'फीडबैक यूनिट' या FBU की स्थापना की। घोषित उद्देश्य अपने अधिकार क्षेत्र के तहत विभागों, स्वायत्त निकायों, संस्थानों और संस्थाओं पर प्रासंगिक जानकारी और कार्रवाई योग्य प्रतिक्रिया एकत्र करना और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना भी था।सीबीआई ने दावा किया है कि तत्कालीन एलजी नजीब जंग से कोई मंजूरी नहीं ली गई थी। एफबीयू ने अगले साल फरवरी में 1 करोड़ रुपए के अस्थायी बजट के साथ काम करना शुरू किया, जिसने यह भी दावा किया कि उसने आठ महीनों में 700 से अधिक मामलों की जांच की। 40 प्रतिशत कथित रूप से जासूसी से संबंधित थे।
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