दिल्ली

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले आरोपी के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जनसुनवाई में पहुंचकर उन पर ही हमला करके गुजरात में राजकोट निवासी राजेश खिमजी भाई सकारिया ने आज सनसनी फैला दी। पुलिस ने उसे तुरंत ही धर दबोचा और उसके खिलाफ हत्या की कोशिश के साथ ही अन्य धाराओं में भी मामला दर्ज कर लिया गया है।

Image

CM रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले के खिलाफ कई धाराओं में FIR

Photo : Twitter

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर आज यानी बुधवार 20 अगस्त की सुबह एक शख्स ने हमला किया। जिस समय यह हमला किया गया, उस समय CM जनसुनावाई कर रही थीं। आरोपी राजेश खिमजीभाई सकारिया के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने हत्या की कोशिश के तहत मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस ने आरोपी राजेश खिमजी भाई के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 (1) के तहत हत्या की कोशिश के अलावा भी दो अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 भी लगाई गई है, जो सरकारी कर्मचारी पर हमला करने वाले के खिलाफ लगाई जाती है। यही नहीं बीएनएस की धारा 221 यानी सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने का मामला भी दर्ज किया गया है।

क्योंकि आरोपी मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में कागज लेकर पहुंचा था। इस दौरान उसने यह दिखाने की कोशिश की थी कि वह एक फरियादी है। जबकि जांच में उसके पास से शिकायत की कोई कॉपी नहीं मिली। उसके पास से सिर्फ जनसुनवाई की एक पर्ची मिली। आरोपी को तीस हजारी जिला अदालत की 247 नंबर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

आरोपी मुख्यमंत्री पर हमले का जो कारण बता रहा है, उस पर भी यकीन करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस को भी उसके बयान पर यकीन नहीं हो रहा है। हालांकि, पुलिस उसके डॉग लवर्स वाली थ्योरी की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस आरोपी को रिमांड में लेकर और कड़ाई से पूछताछ करेगी। आरोपी ने पूछताछ में किसी रिश्तेदार के जेल में होने की बात कही थी और उसका यह दावा भी झूठा पाया गया है।

आरोपी राजेश खिमजीभाई सकारिया का आपराधिक इतिहास

1- भक्तिनगर पी.ओ.एस. आईपीसी की धारा 326, 504, 114 के तहत प्रथम जी.आर.नं.0215/2017

दिनांक 25/11/2019 को राजकोट के आठवें अतिरिक्त मुख्य मजिस्ट्रेट, मजिस्ट्रेट को एफ.के.नं.198/2018 के न्यायालय से बरी कर रिहा कर दिया गया है।

2- भक्तिनगर पी.ओ.एस. गु.रा.नं.1227/2020 प्रोहि अधिनियम धारा 65एए, 116बी

दिनांक 03/11/2023 को राजकोट के तृतीय ए.डी. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सा. न्यायालय के एफ.के.नं.21965/2020 से बरी कर रिहा कर दिया गया है।

3- भक्तिनगर पी.ओ.एस. गु.रा.नं.1591/2020 प्रोहि अधिनियम धारा 65एए, 116बी

25/10/2023 को राजकोट के तृतीय एडी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सा. को न्यायालय के केस संख्या 8067/2021 से बरी कर दिया गया है।

4- भक्तिनगर पी.ओ.एस. गु.आर.नं.0871/2022 प्रोहि अधिनियम धारा 6पीआई, 116बी

द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश एवं जेएमएफसी सा. के समक्ष एफ.के. संख्या 9551/2023 न्यायालय में लंबित है। अगली सुनवाई 29/09/2025 को निर्धारित है।

5- भक्तिनगर पी.ओ.एस. गु.आर.नं.0072/2024 आईपीसी धारा 324, 323, 504, 114 और जी.पी.एक्ट धारा 135(1) के अंतर्गत

दिनांक 07/12/2024, 6वीं ए.डी. न्यायिक मैग. एफ.के. सा. कोर्ट के एफ.के. नंबर 12586/2024 से बरी कर दिया गया है और रिहा कर दिया गया है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

और पढ़ें
End of Article