दिल्ली

दलित और सिख विरोधी है भाजपा... आतिशी ने लगाया ये इल्जाम; AAP विधायकों ने CM ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन

AAP vs BJP: दिल्ली की भाजपा सरकार पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने दलित विरोधी और सिख विरोध कदम उठाने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। इसी बीच आप विधायकों ने आतिशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

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आतिशी ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप।

Delhi Politics: दिल्ली में जबसे आम आदमी पार्टी सत्ता से बेदखल हुई है, वो भाजपा और नई सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी लगातार भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हैं। कई मांगों को लेकर आप नेता लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। इसी बीच आप विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

भाजपा को आतिशी ने बताया दलित विरोधी और सिख विरोधी

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और आप नेता आतिशी ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी ने आज देश को अपना दलित विरोधी और सिख विरोधी चेहरा दिखा दिया है। सत्ता में आते ही उन्होंने सीएम कार्यालय से डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दीं। क्या भाजपा सोचती है कि पीएम नरेंद्र मोदी जी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर और भगत सिंह से महान हैं?'

आप विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सोमवार को विपक्ष की नेता आतिशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा दिल्ली की महिलाओं को 2,500 रुपये देने के वादे को पूरा करने की मांग को लेकर किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात के बाद आतिशी ने पीटीआई-वीडियो से कहा, 'हमने दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन हमें समय नहीं दिया गया। इसलिए हम विधानसभा परिसर में उनके दफ्तर के बाहर हैं। हम उनसे प्रधानमंत्री मोदी के वादे पर बात करना चाहते हैं जिसमें कहा गया था कि पहली कैबिनेट बैठक के बाद महिलाओं को 2,500 रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री का वादा अब झूठा साबित हो रहा है।'

आतिशी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया और केवल इतना कहा कि वह आठ मार्च तक अपना वादा पूरा करने की पूरी कोशिश कर रही हैं। नवगठित दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र के शुरु होने के दौरान सोमवार को यह प्रदर्शन हुआ। दिल्ली में 26 साल के अंतराल के बाद सत्ता में भाजपा की वापसी हुई है। सत्र शुरू होने से पहले राजनिवास में उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली को प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले शपथ ली जिसके बाद उनके छह कैबिनेट मंत्रियों और अन्य विधायकों ने शपथ ली।

विधानसभा की कार्यवाही 'वंदे मातरम' के गान से शुरू हुई। इस दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा स्पीकर गैलरी में मौजूद थे। भाजपा ने पांच फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में 70 में से 48 सीटें जीतकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के एक दशक लंबे शासन को समाप्त कर दिया। विपक्षी दल आप के 22 विधायक सदन में हैं।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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