Delhi News: 'जहरीली हवा' पर आज से बढ़ गई सख्ती; जानें कौन सी पाबंदियां हुईं लागू

दिल्ली की हवा एक बार फिर सांस लेना मुश्किल बना रही है। पिछले दिनों लगातार तीन दिनों तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के ‘गंभीर’ श्रेणी में बने रहने के बाद दिल्ली सरकार ने कड़े कदमों का ऐलान किया। GRAP-4 लागू होने के साथ अब दफ्तरों के कामकाज, वाहनों की आवाजाही और निर्माण गतिविधियों पर भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। गुरुवार यानी आज से से लागू होने वाले इन फैसलों का असर आम लोगों से लेकर निजी संस्थानों और ट्रांसपोर्ट सिस्टम तक साफ दिखेगा। आइए जानते हैं इनके बारे में।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Dec 18 2025, 06:56 IST
दफ्तरों में हाइब्रिड मोड अनिवार्यImage Credit : PTI / Canva01 / 07

दफ्तरों में हाइब्रिड मोड अनिवार्य

दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने साफ किया है कि सरकारी और निजी, दोनों तरह के संस्थानों को वर्क फ्रॉम होम अपनाना होगा। आदेश के मुताबिक किसी भी निजी कार्यालय में 50 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी फिजिकल मोड में काम नहीं करेंगे, बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा वर्क फ्रॉम होमImage Credit : PTI / Canva02 / 07

किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा वर्क फ्रॉम होम

वर्क फ्रॉम होम के इस आदेश में आपातकालीन और फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल नहीं किया गया है। इसमें अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी, फायर डिपार्टमेंट, एयर पॉल्यूशन कंट्रोल से जुड़े विभाग और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा पब्लिक और प्राइवेट हेल्थ सर्विस, ट्रांसपोर्ट और सैनिटेशन से जुड़े विभाग सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।

निर्माण मजदूरों के लिए मुआवजे का ऐलानImage Credit : PTI / Canva03 / 07

निर्माण मजदूरों के लिए मुआवजे का ऐलान

निर्माण गतिविधियों पर रोक से प्रभावित होने वाले मजदूरों के लिए सरकार ने राहत की घोषणा की है। GRAP-4 के दौरान जिन दिनों काम बंद रहेगा, उन दिनों के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों को 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सरकार के मुताबिक मजदूरों का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस जारी है।

बिना PUC अब नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजलImage Credit : PTI / Canva04 / 07

बिना PUC अब नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

वाहन प्रदूषण पर नकेल कसते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार से जिन वाहनों के पास वैध PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। दो और तीन पहिया वाहनों के लिए PUC शुल्क 60 रुपये, चार पहिया के लिए 80 रुपये और डीजल वाहनों के लिए 100 रुपये तय है। BS-4 और BS-6 वाहनों के लिए यह सर्टिफिकेट 12 महीने तक मान्य होगा।

निर्माण सामग्री लाने वाले ट्रकों पर रोकImage Credit : PTI / Canva05 / 07

निर्माण सामग्री लाने वाले ट्रकों पर रोक

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने ऐलान किया है कि निर्माण सामग्री (Construction Materials) लेकर आने वाले ट्रकों की दिल्ली में एंट्री पर रोक रहेगी। सरकार ने दिल्ली के बाहर से आने वाले वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल BS-6 मानक वाले वाहन ही राजधानी में लाएं।

BS-6 से नीचे के वाहनों की एंट्री बंदImage Credit : PTI / Canva06 / 07

BS-6 से नीचे के वाहनों की एंट्री बंद

GRAP-3 और GRAP-4 के दौरान BS-6 से नीचे के और दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी BS-3 और उससे नीचे के वाहनों को मिली राहत खत्म कर दी है। इस फैसले के बाद सख्त कार्रवाई की राह साफ हो गई है।

सड़कों पर सख्त निगरानी और नया कारपूलिंग प्लानImage Credit : PTI / Canva07 / 07

सड़कों पर सख्त निगरानी और नया कारपूलिंग प्लान

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें पेट्रोल पंपों और बॉर्डर एरिया पर तैनात की जाएंगी ताकि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके। इसके साथ ही सरकार ने वाहनों की संख्या कम करने के लिए अपना कारपूलिंग ऐप लॉन्च करने की योजना का भी ऐलान किया है।

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