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दिल्ली में शादी-पार्टियों में शराब पर सख्ती, परमिट के साथ बिल दिखाना भी होगा जरूरी

दिल्ली में शादी और पार्टियों में शराब परोसने के नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब वैध P-10 परमिट के साथ दिल्ली की लाइसेंसी दुकान का पक्का बिल होना अनिवार्य है। उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई।

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बिना परमिट पार्टी में बंद होगी शराब

त्योहारों और शादियों के सीजन से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पार्टी और समारोह आयोजित करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली आबकारी विभाग ने बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस संचालकों और इवेंट के आयोजकों के लिए शराब परोसने के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। अब यदि किसी भी पार्टी या शादी में बिना वैध लाइसेंस और नियमों के शराब परोसी गई, तो आयोजकों और संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंसी दुकान का पक्का बिल भी जरूरी

आबकारी विभाग की ओर से जारी नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, समारोह में शराब परोसने के लिए केवल परमिट के वास्ते 'आवेदन करना' ही पर्याप्त नहीं होगा। नियमों के तहत निम्नलिखित शर्तें पूरी करना अनिवार्य है कार्यक्रम शुरू होने से पहले आयोजक के पास आधिकारिक रूप से स्वीकृत पी-10 परमिट होना चाहिए। सिर्फ आवेदन की रसीद दिखाने पर शराब परोसने की अनुमति नहीं मिलेगी। आयोजन स्थल पर परमिट के साथ-साथ दिल्ली की अधिकृत और लाइसेंसी शराब की दुकान से ही खरीदी गई शराब का पक्का बिल रखना अनिवार्य होगा। यदि नियमों की अनदेखी की जाती है, तो दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हर हॉल के लिए अलग परमिट, चुकानी होगी 15 हजार फीस

विवाह समारोह, पार्टी या किसी भी अन्य सामाजिक आयोजन में शराब परोसने के लिए P-10 परमिट लेना अनिवार्य है। यदि एक ही बड़े बैंक्वेट हॉल या फार्महाउस परिसर में एक से अधिक हॉल या अलग-अलग स्पेस में शराब परोसी जानी है, तो इसके लिए एक संयुक्त परमिट काम नहीं आएगा। परिसर के प्रत्येक हॉल या अलग स्पेस के लिए अलग से परमिट लेना होगा। आबकारी विभाग ने प्रत्येक इवेंट के लिए 15,000 रुपये फीस तय की है। ऐसे में बड़े परिसरों में एक से अधिक जगहों पर पार्टी करने वाले आयोजकों को इस खर्च और नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा।

संचालकों की सुविधा के लिए 27 अक्टूबर से लगेंगे विशेष शिविर

बैंक्वेट हॉल और फार्महाउस संचालकों को पंजीकरण और परमिट प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आबकारी विभाग ने विशेष कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा 27 अक्टूबर से 16 नवंबर तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे संचालक आसानी से अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें। संचालकों के लिए ई-आबकारी पोर्टल पर 'वन-टाइम रजिस्ट्रेशन' की सुविधा भी दी गई है। एक बार रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद भविष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए P-10 परमिट की मंजूरी तुरंत मिल जाया करेगी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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