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दिल्ली में हीटवेव से निपटने का बड़ा प्लान, मोबाइल यूनिट्स और कूलिंग जोन्स बने वरदान; 2.65 लाख लोगों ने उठाया लाभ

दिल्ली में 14 कूलिंग जोन्स पूरी तरह एक्टिव हैं, जिनमें से 5 पुरानी दिल्ली में, 5 पूर्वी दिल्ली में और 1-1 उत्तर-पूर्वी, उत्तरी, मध्य-उत्तरी और मध्य जिले में बनाए गए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इसी हफ्ते दिल्ली के बाकी बचे जिलों में भी ऐसे कूलिंग जोन्स काम करना शुरू कर देंगे।

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दिल्ली मोबाइल यूनिट्स

दिल्ली : दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भीषण लू (Heatwave) का सिलसिला जारी है। मौसम से आम जममानस और कामकाजी वर्ग को बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी राहत गतिविधियों को तेज कर दिया है। सरकार ने पूरी दिल्ली में 'मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स' और 'कूलिंग जोन्स' की व्यवस्था की है। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ ही हफ्तों में करीब 2.65 लाख लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अभियान पर बात करते हुए कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है, ताकि चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे चरम मौसम में सिर्फ शासन करना ही नहीं, बल्कि अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा करना प्रशासन का सबसे पहला कर्तव्य है।

लीटर ठंडा पानी और ORS का वितरण

राजस्व विभाग की देखरेख में यह अभियान दिल्ली के सभी 13 जिलों में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। 6 मई से 23 मई के बीच के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस मुहिम का सबसे ज्यादा लाभ उन लोगों को मिला है जो मजबूरी में तपती धूप में काम करते हैं-जैसे दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, राहगीर और रेहड़ी-पटरी वाले।

  • इस अभियान के तहत अब तक बड़े पैमाने पर राहत सामग्री बांटी जा चुकी है:
  • चिल्ड वाटर: डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाने के लिए करीब 1.14 लाख लीटर ठंडा पीने का पानी पिलाया गया।
  • ओआरएस (ORS): हीटस्ट्रोक और लू की चपेट में आने से रोकने के लिए 1 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट बांटे गए।
  • धूप से बचाव: तपती धूप से फौरी राहत देने के लिए 44,646 गमछे और 30,864 टोपियां वितरित की गईं।

अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी और नई दिल्ली जिलों में इस अभियान को लेकर सबसे ज्यादा सक्रियता देखी गई है। ज्यादा से ज्यादा इलाकों को कवर करने के लिए मोबाइल यूनिट्स (राहत वाहनों) की लोकेशन हर दिन बदली जा रही है ताकि भीड़भाड़ वाले हर इलाके तक मदद पहुंचे। यह अभियान आगामी जुलाई महीने तक जारी रहेगा।

क्या हैं 'कूलिंग जोन्स' और वहां क्या हैं सुविधाएं?

सड़कों पर काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों को कुछ देर सुस्ताने और शरीर को ठंडा करने के लिए सरकार ने विशेष 'कूलिंग जोन्स' (शीतल केंद्र) स्थापित किए हैं।

  • एक कूलिंग जोन के भीतर की व्यवस्था:
  • एक समय में 100 लोगों के बैठने की क्षमता।
  • हवा और ठंडक के लिए 5 डेजर्ट कूलर और 5 हाई-स्पीड पंखे।
  • ठंडे पानी के साथ-साथ ओआरएस, गमछे, टोपियां और किसी भी आपात स्थिति के लिए फर्स्ट-एड (प्राथमिक चिकित्सा) किट।
  • व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर केंद्र पर 10 सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की तैनाती।

वर्तमान में दिल्ली में 14 कूलिंग जोन्स पूरी तरह एक्टिव हैं, जिनमें से 5 पुरानी दिल्ली में, 5 पूर्वी दिल्ली में और 1-1 उत्तर-पूर्वी, उत्तरी, मध्य-उत्तरी और मध्य जिले में बनाए गए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इसी हफ्ते दिल्ली के बाकी बचे जिलों में भी ऐसे कूलिंग जोन्स काम करना शुरू कर देंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े महानगर में, जहां सड़कों पर जिंदगी बसर करने या काम करने वालों को कई बार एक गिलास ठंडा पानी भी नसीब नहीं होता, वहां हमारी यह कोशिश लोगों को सीधे तौर पर जिंदगी बचाने वाली राहत दे रही है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं को लेकर जनता की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक है, जो सरकार को इस भीषण मौसम में भी नागरिकों की सुरक्षा के लिए डटे रहने का हौसला देती है।

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