शहर

Delhi Pollution: हर हाल में देना होगा ₹10,000 जुर्माना, रेखा सरकार सख्त, अब नहीं माफ होगा PUC चालान

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और अव्यवस्थित परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राजधानी में स्वच्छ, सुरक्षित और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Image

दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की घोषणा की (फोटो: ANI)

Photo : ANI

Delhi Pollution Control Measures: राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सरकार किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी। इसी क्रम में दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जहां प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। इनमें पीयूसी से जुड़े चालान में कोई छूट न देना और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में साझा व पूल ई-बसों के संचालन जैसे निर्णय शामिल हैं।

इस अहम बैठक में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ-साथ पर्यावरण विभाग, परिवहन विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने उन वाहनों के खिलाफ सबसे सख्त रुख अपनाने पर जोर दिया जो बिना वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (पीयूसी) के सड़कों पर चलकर प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। मौजूदा नियमों के तहत ऐसे वाहनों पर 10 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि कई बार वाहन मालिक लोक अदालत के माध्यम से इस जुर्माने की राशि काफी कम करा लेते हैं, जिससे दंड का असर खत्म हो जाता है और लोग अपने वाहनों को प्रदूषण-मुक्त रखने को लेकर गंभीर नहीं रहते।

आम लोगों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि आगे से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के चालान किसी भी स्थिति में रद्द नहीं किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस निर्णय को लागू करने के लिए यदि न्यायालय का सहारा लेना पड़े, तो भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य जुर्माने से राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है।

ओला और ऊबर जैसी प्रमुख परिवहन कंपनियों से बातचीत

प्रदूषण नियंत्रण के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में दिल्ली सरकार जल्द ही ओला और ऊबर जैसी प्रमुख परिवहन कंपनियों से बातचीत करेगी। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में साझा और पूल व्यवस्था के तहत प्रदूषण-मुक्त बस सेवाएं शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करना है। यदि ये कंपनियां इलेक्ट्रिक या अन्य स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाली बसों का संचालन करती हैं, तो सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घटेगी और सार्वजनिक परिवहन अधिक पर्यावरण हितैषी बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को शून्य उत्सर्जन की दिशा में ले जाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

राजधानी में ई-रिक्शा गाइडलाइन

राजधानी दिल्ली में बिना नियंत्रण के चल रहे ई-रिक्शा यातायात जाम की एक बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। बार-बार लगने वाले जाम से वाहनों को अधिक समय तक सड़क पर रुकना पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है और इसका सीधा असर प्रदूषण पर पड़ता है। इस स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार शीघ्र ही एक नई ई-रिक्शा गाइडलाइन लागू करेगी। इन दिशा-निर्देशों के तहत ई-रिक्शा के संचालन क्षेत्रों और मार्गों को तय किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो, जाम की समस्या कम हो और सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।

अंतिम गंतव्य तक संपर्क बेहतर होगा

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस सेवाओं के मार्गों को पुनर्गठित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीटीसी बसों की पहुंच राजधानी के हर इलाके और हर गली तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। मार्गों का वैज्ञानिक और तार्किक तरीके से निर्धारण होने पर अंतिम गंतव्य तक संपर्क बेहतर होगा, जिससे आम नागरिक निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक बसों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कठोर कदम

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और इन निर्णयों को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ एक व्यापक और रणनीतिक अभियान चला रही है। सरकार का नजरिया स्पष्ट है कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक कठोर कदम उठाने से कोई पीछे नहीं हटेगा। इसके तहत न केवल सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रभावी बनाया जा रहा है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली को स्वच्छ, हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध और गंभीर है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article