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दिल्ली विधानसभा में विशेष सत्र का प्लान, महिला आरक्षण मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी

दिल्ली विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 28 अप्रैल को हो सकता है। माना जा रहा है कि यह विशेष सत्र महिला आरक्षण के संशोधित बिल के पास नहीं हो पाने को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने से जुड़ा हो सकता है।

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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता

दिल्ली : संसद में महिला आरक्षण संशोधन बिल के मुद्दे पर सियासी सरगर्मी तेज है। सूत्रों के मुताबिक 28 अप्रैल को दिल्ली विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधित विधेयक को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, रेखा सरकार इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की रणनीति बना रही है। पार्टी का आरोप है कि महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जबकि लंबे समय से महिला आरक्षण को लेकर मांग जारी है। ऐसे में विशेष सत्र के जरिए इस विषय पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है।

क्या बोलीं बांसुरी?

इस बीच भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि आम आदमी पार्टी का नारी विरोधी चेहरा एक बार फिर उभर कर सामने आया है। हम नारियों के अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे क्योंकि विपक्ष ने इस देश की मातृ शक्ति के साथ विश्वासघात किया था... सौरभ भारद्वाज ने मेरे और रक्षा खडसे के बारे में झूठ फैलाने के लिए वीडियो जारी किया था। इसके लिए मैंने उन्हें एक लीगल नोटिस भेजा था। इसके बाद उन्होंने प्रेसवार्ता करके उस वीडियो का प्रचार-प्रसार किया था... मैं दिल्ली कोर्ट का स्वागत करती हूं कि उन्होंने इस पर अंकुश लगाया है।

महिला आरक्षण को लेकर देशभर में बहस तेज

दिल्ली विधानसभा का यह संभावित विशेष सत्र ऐसे समय में बुलाया जा रहा है, जब देशभर में महिला प्रतिनिधित्व और आरक्षण को लेकर बहस तेज है। अगर निंदा प्रस्ताव पेश होता है, तो सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

आपको बता दें कि भाजपा शासित राज्यों में विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जहां विपक्ष के साथ बड़ी बहस देखने को मिल सकती हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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