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Ballia: सपा नेता की गोली मारकर हुई थी हत्या, 7 साल बाद चार दोषियों को उम्रकैद

SP Leader Sumer Singh Murder Case: उत्तर प्रदेश के बलिया की एक अदालत ने सपा नेता सुमेर सिंह हत्याकांड के सात साल पुराने मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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सुमेर सिंह हत्याकांड में उम्रकैद

SP Leader Sumer Singh Murder Case: बलिया जिले की एक अदालत ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता सुमेर सिंह हत्याकांड के सात साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने शुक्रवार को चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है। पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश हरिश्चंद्र की अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सभी चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50- 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

2017 में हुई थी हत्या

अभियोजन पक्ष के अनुसार दोकटी थानाक्षेत्र के बालक बाबा के स्थान के सामने 21 मई 2017 की शाम सपा नेता सुमेर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना के समय सपा नेता मोटरसाइकिल से एक निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।

चारों को उम्र कैद

पुलिस ने इस मामले में सुमेर सिंह के बेटे अमित सिंह की तहरीर पर दोकटी थानाक्षेत्र के बहुआरा गांव के राजनारायण, जितेन्द्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह और सागर सिंह के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की हत्या (302) समेत अन्य संबंधित धाराओं में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद सभी चार आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद चारों को उम्र कैद की सजा सुनाई।

(इनपुट- भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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