Lucknow News: यूपी शीतकालीन विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि कोडीन फॉस्फेट एक ऐसी औषधि है जो NDPS अधिनियम के अंतर्गत आती है और इसका उपयोग गंभीर खांसी के इलाज के लिए बनाए जाने वाले कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माण में किया जाता है। उन्होंने बताया कि कोडीन का आवंटन केवल सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा निर्धारित औषधीय प्रयोजनों के लिए किया जाता है। कफ सिरप के नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग की शिकायतें मिलने के बाद यूपी पुलिस ने इसे NDPS के दायरे में लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। इस अभियान में FSDA, यूपी पुलिस और STF संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं, जिसके तहत कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
माफियाओं का संबंध समाजवादी पार्टी से
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पकड़े गए माफियाओं का संबंध समाजवादी पार्टी से रहा है और जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें कुछ के राजनीतिक जुड़ाव भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध तस्करी के साथ-साथ इससे अर्जित संपत्ति की भी जांच की जाएगी। इस मुद्दे पर विधान परिषद या सार्वजनिक मंच पर सवाल उठने पर सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, इस संबंध में अखिलेश जी के बारे में यही कहूंगा- कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा...जांच होने दीजिए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश का सबसे बड़ा विधानमंडल सुचारू ढंग से कार्य कर रहा है और निरंतर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों में सार्थक चर्चा होती है, तो जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास पर खरे उतरते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार चाहती थी कि विधानसभा सत्र अधिक समय तक चले, लेकिन वर्तमान में माननीय सदस्य मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण जैसे अहम कार्य में व्यस्त हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत बनाने, उसकी निष्पक्षता सुनिश्चित करने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
“वंदे मातरम” पर चर्चा कराई जाए
कई जनप्रतिनिधियों ने यह सुझाव दिया था कि जरूरी विधायी कार्यों, सप्लीमेंट्री डिमांड्स और अन्य अहम विषयों के निपटारे के बाद “वंदे मातरम” पर चर्चा कराई जाए। साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत चल रही प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शीतकालीन सत्र को आज से 24 दिसंबर तक आयोजित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सत्र उत्तर प्रदेश विधानमंडल की कार्यकुशलता और राज्य के समग्र विकास के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
सदस्यों का हार्दिक अभिनंदन
शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए पधारे सभी माननीय सदस्यों का हार्दिक अभिनंदन किया गया। आज से 24 दिसंबर तक आयोजित इस सत्र के दौरान सदस्य सदन में अपने-अपने विषयों को रख सकेंगे और उत्तर प्रदेश की जनता के हितों तथा राज्य के विकास से संबंधित मुद्दों पर सार्थक चर्चा कर सकेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की अतिरिक्त आवश्यकताओं को लेकर प्रस्तुत की जाने वाली सप्लीमेंट्री डिमांड्स पर भी विचार-विमर्श होगा। इस दृष्टि से यह शीतकालीन सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है सरकार
इस मौके पर राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने पर उसके रचनाकार के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी उत्तर प्रदेश विधानमंडल को मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस और संविधान के तहत “वंदे मातरम” को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दिए जाने की अधिसूचना एक ही तारीख को जारी हुई थी, इसलिए सदन में इस विषय पर चर्चा होना विशेष रूप से आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि कल हुई सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आग्रह किया गया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार विकास से जुड़े विषयों पर रचनात्मक सोच रखती है और सभी दलों से अपेक्षा करती है कि वे विधानसभा सत्र को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से चलाने में सहयोग प्रदान करेंगे।
