उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्कूली छात्रों की सुरक्षा को लेकर राज्य में मिशन सेफ फ्यूचर के साथ ही कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के साथ-साथ ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन भी करा रहा है। मुख्यमंत्री ने हाल में स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने और ड्राइवरों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।
परिवहन विभाग के 13 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में फिलहाल 19 हजार,680 स्कूल हैं। इनमें 74 हजार, 337 वाहन स्कूल के नाम से रजिस्टर्ड हैं, जबकि 8022 वाहन स्कूलों से अनुबंधित हैं। इस तरह राज्य में कुल 82 हजार, 259 स्कूली वाहन हैं।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर फोकस
अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने बताया कि मिशन सेफ फ्यूचर सहित अन्य सभी अभियान के तहत परिवहन विभाग का जोर स्कूली वाहनों को फिट रखने और ड्राइवरों का सत्यापन कराने पर है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों व ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
जांच में 6066 वाहन अनफिट पाए गए
विभिन्न अभियानों के दौरान प्रदेशभर में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में 6066 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए। इन वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। वहीं प्रवर्तन टीमों ने 1072 स्कूली वाहनों का चालान किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 356 वाहनों को बंद यानी सीज कर दिया।
27066 ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन
अभियान के तहत अब तक 27066 स्कूल बस ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन कराया जा चुका है। परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के ड्राइवरों की सुरक्षा जांच को लेकर सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिए हैं।
सभी बोर्ड के स्कूलों को अहम निर्देश
परिवहन विभाग ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड, यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड व अन्य बोर्ड के स्कूलों को बस और वैन ड्राइवरों का पुलिस चरित्र सत्यापन और मेडिकल टेस्ट अनिवार्य रूप से कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से इसके लिए चिट्ठी भी जारी की गई है। इसमें संबंधित बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
